बिलासपुर: मस्तूरी पुलिस पर 1 लाख की अवैध वसूली का आरोप, SP से शिकायत
बिलासपुर, 17 जून 2026
मस्तूरी थाना के 4 पुलिस आरक्षकों पर फर्जी शराब तस्करी केस में फंसाने की धमकी देकर 1 लाख रुपये की अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित समीर बंजारे ने बिलासपुर पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और रकम वापसी की मांग की है।
क्या है पूरा मामला
कुंआ नगाड़ाडीह, थाना चकरभाठा निवासी समीर बंजारे, पिता मनोज बंजारे ने शिकायत में बताया कि 15 जून 2026 की शाम करीब 3-4 बजे वह टिकारी गांव में स्कूल के पास बैठा था। तभी मस्तूरी थाने के आरक्षक नवीन बागड़े, दिनेश निराला, अरविंद कुर्रे और अविनाश कश्यप वहां पहुंचे। आरोप है कि चारों ने गाली-गलौज करते हुए उसे जबरन थाने ले गए और धमकी दी कि “2 लाख रुपये दो, नहीं तो 100 बॉटल महुआ शराब की तस्करी में जेल भेज देंगे”।
शिकायत के अनुसार, डर के मारे समीर ने घरवालों को फोन किया। घरवालों ने खेत गिरवी रखकर पैसे का इंतजाम किया। इसके बाद समीर के पिता और गांव वाले थाना पहुंचे। आरोप है कि थाने के मुंशी ऑफिस के पास वाले रूम में बुलाकर पीड़ित परिवार से ₹84,000 नगद लिए गए और ₹16,000 मस्तूरी के एक सेंटर से निकलवाए गए।
₹16,000 का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन भी सबूत के तौर पर पेश
शिकायत के साथ पीड़ित ने 15 जून 2026 को रात 7:42 बजे हुए एक PhonePe ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट भी लगाया है। इस ट्रांजेक्शन में ₹16,000 ‘VISHAL RANJAN’ के खाते में भेजे गए हैं। UTR: 965828097263 और ट्रांजेक्शन ID: T2606151942354304444800 भी शिकायत में दर्ज है।
अगले दिन फिर बना दिया फर्जी केस
पीड़ित का आरोप है कि 1 लाख रुपये लेने के बाद पुलिस वालों ने कहा कि “अब तुम्हारे ऊपर कोई केस नहीं बनाएंगे”। लेकिन 16 जून 2026 को ऑनलाइन पोर्टल पर समीर के खिलाफ शराब पीने का फर्जी केस दर्ज मिला, जबकि वह उस दिन घर पर ही था।
थाने के CCTV फुटेज की जांच की मांग
समीर बंजारे ने SP को दिए आवेदन में लिखा है कि वह गरीब किसान परिवार से है और कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है। 15 जून को उसे थाने में करीब 4 घंटे बैठाकर रखा गया। उसने मांग की है कि थाने के CCTV फुटेज निकलवाए जाएं तो चारों आरक्षकों की करतूत सामने आ जाएगी।
इन पुलिसकर्मियों पर लगे आरोप
शिकायत में मस्तूरी थाने के आरक्षक नवीन बागड़े, दिनेश निराला, अरविंद कुर्रे और अविनाश कश्यप के नाम हैं। पीड़ित ने SP से चारों के खिलाफ FIR, रकम वापसी और सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पर 17/06/2026 को SP कार्यालय बिलासपुर की मुहर भी लगी है।
