किशनगंज में 13 वर्षीय किशोरी की मौत का मामला सुलझा, पुलिस जांच में डूबने से मृत्यु की पुष्टि
किशनगंज, 6 जून। किशनगंज थाना क्षेत्र के शिवगंगा घाट, डुमरिया भट्टा स्थित नदी में 13 वर्षीय किशोरी मेनका कुमारी का शव मिलने के मामले का पुलिस ने सफल उद्भेदन करने का दावा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि किशोरी की मौत नदी में स्नान के दौरान गहरे पानी में डूबने से हुई थी और घटना के बाद उसके दो मौसेरे भाइयों ने डर के कारण सच्चाई छिपा ली थी।
पुलिस के अनुसार, 28 मई 2026 की शाम मेनका कुमारी अपने मामा के घर से घूमने के लिए निकली थी, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत पर किशनगंज थाना में गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया था। बाद में 1 जून को शिवगंगा घाट, डुमरिया भट्टा के समीप पानी से उसका शव बरामद किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने स्वयं घटनास्थल का दौरा कर जांच की निगरानी की। एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड, गोताखोरों तथा तकनीकी जांच की सहायता से साक्ष्य जुटाए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी के शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट नहीं मिलने तथा श्वासनली, फेफड़ों और पेट में रेत एवं मिट्टी के कण पाए जाने के आधार पर मृत्यु का कारण डूबना बताया गया।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि मेनका अपने दो मौसेरे भाइयों आयुष (10 वर्ष) और प्रिंस (15 वर्ष) के साथ नदी किनारे गई थी, लेकिन वापस केवल दोनों भाई ही लौटे थे। पूछताछ के दौरान दोनों किशोर बार-बार अपने बयान बदल रहे थे। बाद में परिजनों की मौजूदगी में की गई गहन पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि तीनों नदी में स्नान करने गए थे।
पुलिस के अनुसार, मेनका नदी किनारे बने बांध से पानी में छलांग लगा रही थी। कुछ बार सुरक्षित बाहर निकलने के बाद वह अधिक गहरे हिस्से में पहुंच गई और डूबने लगी। दोनों भाइयों ने पहले इसे मजाक समझा, लेकिन जब स्थिति गंभीर हुई तो उन्होंने बचाने का प्रयास किया। नदी में अत्यधिक गहराई होने के कारण वे उसे नहीं बचा सके। घटना के बाद घरवालों के डर से उन्होंने झूठ बोल दिया कि मेनका शौच के लिए घर लौट गई थी।
पुलिस ने बताया कि दोनों किशोरों ने घटनास्थल पर घटना का पुनर्निर्माण किया, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। साथ ही दोनों ने न्यायालय में भी स्वेच्छा से अपना बयान दर्ज कराया है।
किशनगंज पुलिस ने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी विश्लेषण, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले का पटाक्षेप किया गया है। साथ ही प्राथमिकी दर्ज करने और शुरुआती जांच में हुई कथित लापरवाही की जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी से कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी घटना को लेकर अफवाहों पर ध्यान न दें तथा जांच में सहयोग करें।
