डेस्क/बिहार
लोकेशन/भागलपुर
रिपोर्ट/अमित कुमार
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कायाकल्प योजना की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी का सख्त निर्देश, जीर्णोद्धार कार्य 30 नवंबर एवं नवनिर्माण कार्य 31 मार्च तक करें पूर्ण
शिक्षा विभाग के कार्यों की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, सभी संबंधित विभागों को कार्यों में तेजी लाने का निर्देश
बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान (कायाकल्प योजना) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा कराए जा रहे जीर्णोद्धार, मरम्मत एवं नवनिर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जीर्णोद्धार एवं मरम्मत से संबंधित सभी कार्य हर हाल में 30 नवंबर तक, जबकि नवनिर्माण से संबंधित सभी कार्य 31 मार्च तक पूर्ण कर लिए जाएं।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि कायाकल्प योजना के तहत संबंधित विभागों की आधारभूत संरचनाओं को बेहतर बनाने तथा आवश्यक सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने विभाग से जुड़ी योजनाओं की नियमित समीक्षा करें तथा कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी लाएं।
कायाकल्प पोर्टल पर 3,050 योजनाओं की प्रविष्टि पूर्णसमीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि भागलपुर जिले में अब तक कुल 3,050 योजनाओं की प्रविष्टि कायाकल्प पोर्टल पर पूरी कराई जा चुकी है। योजना के तहत जिले में विभिन्न विभागों से संबंधित बुनियादी ढांचागत विकास, मरम्मत, जीर्णोद्धार एवं नवनिर्माण के कार्यों को शामिल किया गया है।कायाकल्प योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से छह विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई।
इनमें शिक्षा विभाग, बाल विकास परियोजना विभाग (ICDS), कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग तथा ग्रामीण विकास विभाग शामिल हैं। इन विभागों के माध्यम से संबंधित संस्थानों एवं सरकारी भवनों की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों की योजनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति से संबंधित प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने तथा स्वीकृत योजनाओं पर अविलंब धरातल पर कार्य प्रारंभ कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। सभी संबंधित पदाधिकारी निर्धारित समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करें। साथ ही, जिन योजनाओं पर अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराया जाए, ताकि निर्धारित समय के भीतर सभी कार्य पूरे किए जा सकें।
समीक्षा के क्रम में शिक्षा विभाग से संबंधित योजनाओं की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने तथा लंबित योजनाओं के क्रियान्वयन में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करना होगा। योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने विभाग की योजनाओं की नियमित निगरानी करें और कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को प्रखंड स्तर पर विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया।
उन्हें निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने प्रखंडों में संचालित कायाकल्प योजनाओं की नियमित समीक्षा करें तथा लंबित परियोजनाओं की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्यों को शीघ्र प्रारंभ एवं पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि विभागों के बीच प्रभावी समन्वय से योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने में मदद मिलेगी। इसलिए सभी संबंधित पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूरा करने की दिशा में गंभीरता से प्रयास करें।
उक्त समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त, निदेशक डीआरडीए, निदेशक एनईपी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (ICDS), जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा) सहित विभिन्न संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
जिला जन-सम्पर्क कार्यालय,
भागलपुर
