जगदीशपुर हटिया में अवैध वसूली का आरोप, अंचल कार्यालय की भूमिका पर उठे सवाल
संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर/बिहार
भागलपुर जगदीशपुर अंचल क्षेत्र स्थित साप्ताहिक हटिया बाजार में अवैध वसूली को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरकारी हटिया होने के बावजूद यहां गैर-सरकारी व्यक्तियों द्वारा मनमाने तरीके से लगान वसूला जा रहा है, जिससे छोटे व्यवसायियों में भारी नाराजगी व्याप्त है ग्रामीणों के अनुसार, यह वसूली प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को लगने वाले हाट के दौरान की जाती है दुकानदारों से ₹50 से लेकर ₹400 तक की राशि ली जाती है, लेकिन इसके बदले कोई रसीद या कूपन नहीं दिया जाता। ऐसे में यह पूरी प्रक्रिया अवैध वसूली का रूप लेती नजर आ रही है स्थानीय दुकानदार राकेश कुमार ने बताया,जब यह सरकारी हटिया है, तो हमें कोई आधिकारिक रसीद क्यों नहीं दी जाती पैसे देने के बाद भी हमें किसी प्रकार का प्रमाण नहीं मिलता। विरोध करने पर धमकी दी जाती है कि हटिया में दुकान लगानी है तो पैसे दो, नहीं तो यहां से चले जाओ एक अन्य दुकानदार राहुल ने कहा कि उन्होंने इस मामले की शिकायत अंचलाधिकारी से की, लेकिन उन्हें डांट-फटकार कर भगा दिया गया। इससे दुकानदारों में और अधिक आक्रोश फैल गया है।ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध वसूली में अंचल कार्यालय के कुछ कर्मियों की मिलीभगत है। विशेष रूप से अंचल के नाजीर समेत 7-8 लोगों का एक समूह दबाव बनाकर पैसे वसूलता है। विरोध करने पर दुकानदारों को डराया-धमकाया जाता है, जिसके कारण कई लोग खुलकर सामने आने से कतराते हैं।इस संबंध में अंचलाधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन “नॉट रीचेबल” बताया गया, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों में गहरा रोष है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही हटिया में वसूली की पारदर्शी और वैध व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन बढ़ते विरोध के बीच जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
