सीमावर्ती क्षेत्र में सशस्त्र सीमा बल, 8वीं बटालियन द्वारा नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत मानव चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा शिविर तथा स्वच्छता कूड़ादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन
गलगलिया —-8वीं बटालियन, सशस्त्र सीमा बल, खपरैल के बाह्य सीमा चौकी लोहागढ़ के कार्यक्षेत्र स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पॉटोंग में कमांडेंट पी. वी. सामी के मार्गदर्शन में नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत मानव चिकित्सा शिविर एवं पशु चिकित्सा शिविर तथा स्वच्छता कूड़ादान वितरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
8वीं बटालियन, सशस्त्र सीमा बल द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में निवास करने वाले नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण के उद्देश्य से समय-समय पर विभिन्न रोजगारोन्मुखी एवं जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों के अंतर्गत कंप्यूटर प्रशिक्षण, बाइक रिपेयरिंग, मोबाइल रिपेयरिंग, हस्तनिर्मित कलाकृतियों का निर्माण, इलेक्ट्रिशियन, ब्यूटीशियन, प्लंबिंग, टेलरिंग तथा बेकरी आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
इसी क्रम में आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व मुकेश कुमार, उप कमांडेंट, 8वीं बटालियन, सशस्त्र सीमा बल, खपरैल ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों से अपील की कि वे कचरा इधर-उधर न फैलाएँ तथा सदैव डस्टबिन का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ घर और स्वच्छ वातावरण ही स्वस्थ जीवन की नींव है। सभी को मिलकर अपने क्षेत्र को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाने का संकल्प लेना चाहिए।
इस कार्यक्रम में सशस्त्र सीमा बल के 17 कार्मिकों, विद्यालय के 18 शिक्षकों तथा लगभग 200 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय को 10 कूड़ादान वितरित किए गए।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित मानव चिकित्सा शिविर में डॉ. किरण बूरा, द्वितीय कमान अधिकारी (चिकित्सा), 8वीं बटालियन, सशस्त्र सीमा बल, खपरैल के नेतृत्व में 34 पुरुषों, 45 महिलाओं तथा 11 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया।
इसके अतिरिक्त आयोजित पशु चिकित्सा शिविर में डॉ. समीर कुमार दास, पशु चिकित्सक (सिविल डॉक्टर), बताशी के नेतृत्व में 50 पशुपालकों के कुल 227 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया तथा पशुपालकों को आवश्यक चिकित्सीय परामर्श भी प्रदान किया गया।
इस प्रकार आयोजित नागरिक कल्याण कार्यक्रम से सीमावर्ती क्षेत्र के नागरिकों, विद्यार्थियों एवं पशुपालकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हुआ तथा स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं जनकल्याण के प्रति जागरूकता को भी बढ़ावा मिला।
