जनाज़ा ले जाने के लिए सीने भर पानी पार करने को मजबूर ग्रामीण, विकास के दावों पर उठे सवाल

जनाज़ा ले जाने के लिए सीने भर पानी पार करने को मजबूर ग्रामीण, विकास के दावों पर उठे सवाल

ठाकुरगंज, किशनगंज | ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत जिरनगाछ पंचायत के वार्ड संख्या 4 स्थित पाटिलभाषा गांव में आज सुबह सुबेदा खातून का इंतकाल हो गया। जनाज़े को कब्रिस्तान तक ले जाने के दौरान ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। गांव से कब्रिस्तान तक जाने के लिए लोगों को ओल्ड मैती पार करना पड़ा, जहां कई ग्रामीण सीने भर पानी से होकर गुजरने को मजबूर हुए।

ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में गांव का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से लगभग कट जाता है। सड़क और पुल की सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जनाज़े के दौरान सामने आई यह तस्वीर इलाके की बदहाल बुनियादी व्यवस्था को उजागर करती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से सड़क और पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन विकास के बड़े-बड़े दावे तो करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।

एक तरफ देश में डिजिटल इंडिया और विकास की बातें हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ गांव आज भी सड़क, पुल और आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है ताकि भविष्य में किसी को इस तरह की कठिन परिस्थिति का सामना न करना पड़े।

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