अनुशासित दिनचर्या एवं उच्च शिक्षकीय मानकों से ही होगा शिक्षा का उत्थान ।

अनुशासित दिनचर्या एवं उच्च शिक्षकीय मानकों से ही होगा शिक्षा का उत्थान ।

रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार।

भारती शिक्षा समिति एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति, बिहार द्वारा आयोजित नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग एवं सेवा स्थायित्व प्रशिक्षण वर्ग-2026 के सत्रहवें दिवस का शुभारंभ गणपतराय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर, सैनिक स्कूल, नरगा कोठी, भागलपुर के विशाल प्रशाल में प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा, गयाजी विभाग निरीक्षक उमाशंकर पोद्दार, वर्ग प्रधानाचार्य सतीश कुमार सिंह एवं बांका विभाग के विभाग निरीक्षक ब्रह्मदेव प्रसाद के द्वारा एकल रूप से दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्पार्जन के साथ हुआ ।

प्रथम सत्र में “आचार्यों के लिए आदर्श दिनचर्या” विषय पर मार्गदर्शन देते हुए प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा ने कहा कि आचार्य की दिनचर्या अनुशासित, समयबद्ध एवं प्रेरणादायी होनी चाहिए। एक आदर्श आचार्य को प्रातःकाल शीघ्र जागरण, योग, प्रार्थना एवं स्वाध्याय से अपने दिन की शुरुआत करनी चाहिए। विद्यालय में समय से पूर्व पहुँचकर दिनभर की शैक्षणिक गतिविधियों की तैयारी करना तथा प्रत्येक कालांश का प्रभावी संचालन करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि आचार्य को अपने व्यवहार, वेश-भूषा, समयपालन एवं कार्यशैली से विद्यार्थियों के समक्ष आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए। शिक्षण कार्य के साथ-साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, संस्कार निर्माण एवं उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशील रहना आवश्यक है। विद्यालय समय के उपरांत आत्ममूल्यांकन, अध्ययन, पाठ योजना निर्माण तथा अभिभावकों से नियमित संवाद को भी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुशासित एवं उद्देश्यपूर्ण दिनचर्या ही आचार्य को सफल, प्रभावी एवं समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनाती है।
द्वितीय सत्र में चमन साह सरस्वती विद्या मंदिर, जगतपुर (बांका) के प्रधानाचार्य मिथलेश कुमार ठाकुर ने “स्टैंडर्ड्स ऑफ टीचर्स” विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि शिक्षक का व्यक्तित्व, आचरण, शिक्षण-कौशल एवं समर्पण ही उसकी वास्तविक पहचान है। उन्होंने शिक्षकों से निरंतर अध्ययनशील एवं आदर्श आचरण अपनाने का आह्वान किया।
तृतीय सत्र में मुंगेर विभाग के जिला निरीक्षक वीरेंद्र कुमार ने शिशु भारती, बाल भारती एवं किशोर भारती के गठन एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन मंचों के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं संगठन कौशल का विकास होता है।
इस अवसर पर पूर्णकालिक कार्यकर्ता रमेश मणि पाठक, धरणीकांत पांडेय, लाल बाबू प्रसाद यादव, गंगा चौधरी, परमेश्वर कुमार, मनमोहन ठाकुर, साकेत कुमार, शंभू कुमार, आलोक कुमार, शशि भूषण मिश्रा, ऋचा कुमारी, ।सुप्रिया कुमारी, वंदना पांडे एवं सभी प्रशिक्षणार्थी आचार्य उपस्थित रहे।
मीडिया प्रभारी
शशि भूषण मिश्र।

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