डेस्क/बिहार
लोकेशन/भागलपुर
रिपोर्टर/अमित कुमार
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74 की उम्र, 42 साल की आस्था… फिर डाक बम बन देवघर के लिए सुल्तानगंज से जल भर के निकलीं कृष्णा बम
श्रावणी मेला हो और सोमवारी से एक दिन पूर्व रविवार को डाक बम के रूप में अगर कच्ची कांवड़िया पथ पर कृष्णा बम नहीं दिखे तो मेला ही अधूरा लगता है सुल्तानगंज से लेकर देवघर तक स्थानीय लोगों से लेकर श्रद्धालुओं तक सबको कृष्णा बम का बेसब्री से इंतज़ार रहता है एक बार फिर कृष्णा बम सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट पर पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान कर जल लेकर बैधनाथ धाम के लिए रवाना हुई हैं। लोगों ने उनके साथ तस्वीर ली। पिछले 42 वर्षों से यानी 4 दशक से भी ज्यादा का वक्त बीत चुका है जब वह सुल्तानगंज से बैधनाथ धाम डाक बम के रूप में जाती हैं और वहां बाबा बैधनाथ को जलाभिषेक करती हैं पूरे रास्ते श्रद्धालु पैर छूने को लालायित रहते हैं उन्हें प्रशासन का भी पूरे रास्ते सहयोग मिलता है। 74 वर्ष के उम्र में भी उनमें वही जोश उत्साह है जो पहले हुआ करता था। हजारों किलोमीटर पैदल चलकर वह कई ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ पर जल चढ़ा चुके हैं हजारों किलोमीटर साइकिल यात्रा कर चुके हैं। सबसे पहले उन्होंने 1974 में मुजफ्फरपुर के पहलेजा घाट से डाक कर उठाया और बाबा गरीब नाथ मंदिर में जलाभिषेक किया था 1986 तक वहां पर जलार्पण किया उससे पहले 1982 से सुल्तानगंज से देवघर डाक कांवर की यात्रा शुरू कर दी थी जो अब तक अनवरत जारी है। वह हरिद्वार से देवघर के लिए अभी पैदल यात्रा कर चुके हैं वहीं उन्होंने गंगोत्री से रामेश्वरम की 85 दिनों की पैदल यात्रा की थी तीन बार वह साइकिल से मुजफ्फरपुर से वैष्णो देवी जा चुके हैं। कैलाश मानसरोवर की यात्रा कर चुके हैं, पाकिस्तान जाकर कटासराज जी महाराज महादेव मंदिर समेत कई शक्तिपीठ के दर्शन कर चुके हैं। भोले के अनन्य भक्त कृष्णा बम और अस्वस्थ होने के बावजूद एक बार फिर गंगा धाम से बाबा धाम डाक कावड़ के रूप में रवाना हुई है।
बाइट — कृष्ण बम
