कटिहार में महानंदा पर बांस का चचरी पुल टूटा: बाइक सवार नदी में गिरे, ग्रामीणों ने बचाया, पश्चिम बंगाल से संपर्क टूटा

कटिहार में महानंदा पर बांस का चचरी पुल टूटा: बाइक सवार नदी में गिरे, ग्रामीणों ने बचाया, पश्चिम बंगाल से संपर्क टूटा

संवाददाता मनोज कुमार कटिहार बिहार

कटिहार जिले के बारसोई प्रखंड को पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाला बांस का चचरी पुल मंगलवार को तारापुर-गोड़ाहार घाट पर अचानक ध्वस्त हो गया।
पुल टूटने से उस पर से गुजर रहे दो बाइक सवारों सहित कई यात्री महानंदा नदी में गिर गए। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के समय पुल पर लोगों की आवाजाही सामान्य थी। अचानक पुल का एक हिस्सा टूटकर नदी में बह गया।
पुल ध्वस्त होते ही उस पर सवार दो मोटरसाइकिल चालक और कुछ अन्य यात्री नदी में जा गिरे। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मोटरसाइकिलों को सुरक्षित बाहर निकाला
स्थानीय ग्रामीण तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। उन्होंने रस्सी की सहायता से नदी में गिरे बाइक सवारों और उनकी मोटरसाइकिलों को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
तारापुर-गोड़ाहार घाट महानंदा और नागर नदी के संगम स्थल पर स्थित है। यह घाट बिहार के बारसोई क्षेत्र और पश्चिम बंगाल के गोड़ाहार इलाके के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। लगभग 100 फीट लंबा यह चचरी पुल मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल के रायगंज विधानसभा क्षेत्र में आता है।
नदी पार करने के लिए नाव का उपयोग करना पड़ेगा
पुल ध्वस्त होने के बाद अब दोनों राज्यों के लोगों को नदी पार करने के लिए नाव का उपयोग करना पड़ेगा। इससे दैनिक आवाजाही करने वाले मजदूरों, छात्रों और छोटे व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने और इस मार्ग पर एक स्थायी पुल के निर्माण की मांग की है, ताकि हर वर्ष बरसात के मौसम में होने वाली इस समस्या से स्थायी समाधान मिल सके।

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