बी ए यु, सबौर में नेचर क्लब द्वारा आयोजित एक सप्ताह के कार्यशाला प्लास्टिक का जहर दूर धरती पर कहर का कार्यक्रम समापन हुआ।
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/ बिहार।
बिहार कृषि विश्वविद्यालय के नेचर क्लब द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित एक सप्ताह की कार्यशाला प्लास्टिक का जहर दूर धरती पर कहर का समापन सत्र आज दिनांक 11 जून 2026 को लगभग 80 शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति में किया गया। सत्र के दौरान नेचर क्लब के सचिव डॉ अवधेश पाल ने सप्ताह भर चले गतिविधियों का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि कार्यशाला की योजना पूर्णतः प्लास्टिक उन्मूलन पर था अतः विश्वविद्यालय के परिसर सहित सबौर तथा भागलपुर शहर में प्लास्टिक हटाना और जागरूकता का कार्य किया गया। 5 जून को कुलपति डॉ डी आर सिंह द्वारा गंधराज के पौधरोपण उपरांत उद्घाटन सत्र के बाद 6-7 जून को विश्वविद्यालय के क्रमशः शैक्षणिक और आवासीय क्षेत्र में प्लास्टिक सफाई तथा नारे के साथ जागरूकता अभियान चलाया गया। सोमवार 8 जून को भागलपुर के कचहरी चौक से तिलका मांझी चौक तक के प्रशाशनिक इलाकों में जागरूकता और प्लास्टिक उन्मूलन का कार्य किया गया। वहीँ रोड किनारे लगाए गए फलों आदि के ठेलो तथा दुकान मालिकों से अपने बातों को साझा करते हुए उन्हें प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करने तथा लोगो से अपना थैला साथ लेकर चलने कि सलाह दी गई। 9-10 जून को सबौर तथा ब्लॉक चौक के बाजारी क्षेत्र में भी प्लास्टिक उन्मूलन के साथ साथ नारे के साथ लोगो में जागरूकता का कार्य किया गया। सप्ताह भर चले कार्यशाला में प्रतिदिन 70-80 शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। समापन सत्र में विद्यार्थियों ने कार्यशाला से सम्बंधित अपने अनुभव साझा किये। उन्होंने बताया कि पर्यावरण सुरक्षा से सम्बंधित नए नए जानकारी मिली तथा प्लास्टिक के खतरे तथा इस से मिटटी को हो रहे नुकशान के बारे में लोगो को कैसे समझाया जाये उस पर बल डाला। कार्यशाला के समापन सत्र में डीन पोस्ट ग्रेजुएट डॉ संजय कुमार ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि बतौर कृषि वैज्ञानिक हमें मात्र उपज बढाने के बजाये आज के पर्यावरण को भी समझना होगा, ताकि भविष्य में बदलते मौसम से फसलों को बचा सक। उन्होंने वहां उपस्थित लोगो से आग्रह किया कि हमें सोचना होगा कि प्लास्टिक कैसे जहर है, कैसे ये हमारे मिट्टि को खराब कर रहा है। एकल प्रयोग प्लास्टिक को इधर उधर न फेंके, इसे इसके निपटान हेतु बनाये डब्बे में ही डालें। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक के जलने से जहरीली गैस बनती है, अतः इसका सही निष्पादन और कम से कम उपयोग ही सही तरीका होगा। कार्यशाला के समापन सत्र कि अध्यक्षता कर रहे निदेशक शोध डॉ ए के सिंह ने नेचर क्लब के सदस्यों एवं विद्यार्थियों द्वारा एक सप्ताह चलाये प्लास्टिक उन्मूलन मुहीम को सराहा और उनसे आग्रह किया कि आगे भी वो ऐसे ही जोश जूनून से भाग ले ताकि हमारा पर्यावरण, हमारी धरती सुरक्षित रहे। अपने विचारों को व्यक्त करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि उनमे अभी ऊर्जा है, जिसका उन्हें सही इस्तेमाल करना चाहिए। अपनी ऊर्जा को अपनी मंजिल प्राप्त करने में लगायें। उन्होंने बताया कि असफलता से डरे नहीं, अपितु दुगनी शक्ति से कोशिश करते रहे। नौकरी ढूंढने वाले न बने, बल्कि नौकरी देने वाले बने। उन्होंने छात्र- छात्राओं से समय का आदर करने तथा अपने सेहत का भी ध्यान रखने को कहा। प्रथम वर्ष के क्षात्र आनंद कुमार द्वारा सबको शपथ दिलाई गई कि हम सब अब से प्लास्टिक का बहिस्कार करेंगे, ज्यादा से ज्यादा पौध रोपण करेंगे तथा अपने आस पास साफ-सफाई का ध्यान रखेंगे। अंत में पादप कार्यिकी कि अध्यक्ष डॉ आर डी रंजन ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगो का धन्यवाद ज्ञापन किय। कार्यशाला के समापन सत्र में डॉ सरिता, डॉ अशोक, डॉ परमवीर, डॉ अपूर्वा , डॉ अनित, डॉ सुदेसना, डॉ नम्रता, डॉ सुदीप आदि उपस्थित रहे।
