कटिहार: शिक्षक के निर्देश पर सरकारी स्कूल में स्टूडेंट से कराया जहरीले केमिकल्स का छिड़काव: कटिहार में शिक्षक के निर्देश पर हुआ काम, वीडियो वायरल होने पर आक्रोश
संवाददाता मनोज कुमार कटिहार/बिहार
कटिहार जिले के एक सरकारी स्कूल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां स्कूल ड्रेस पहने एक छात्र से स्कूल परिसर में जहरीले रसायन का छिड़काव कराया गया।
छात्र की पीठ पर पॉइजन स्प्रे टैंक लटका हुआ था और शिक्षक उसे निर्देश दे रहे थे। यह घटना वीडियो वायरल होने के बाद सामने आई है, जिससे अभिभावकों और ग्रामीणों में आक्रोश है।
यह घटना कटिहार सदर प्रखंड के चिल्मारा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय ताजगंज चिलमारा की है। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि स्कूल ड्रेस पहने एक बच्चा अपनी पीठ पर पॉइजन स्प्रे टैंक मशीन लटकाकर स्कूल की बाहरी बाउंड्री वॉल के पास झाड़ियों में छिड़काव कर रहा है।
छात्र को छिड़काव के लिए निर्देश दे रहे शिक्षक
वीडियो में स्कूल के मुख्य द्वार पर शिक्षक चंद्रशेखर कुमार अपने हाथ में पॉइजन का डिब्बा लिए खड़े हैं और छात्र को छिड़काव के लिए निर्देश दे रहे हैं। वीडियो में यह भी स्पष्ट है कि छात्र बिना किसी सुरक्षा उपकरण के जहरीले रसायन का छिड़काव कर रहा था।
इस मामले पर जब शिक्षक चंद्रशेखर से सवाल किया गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। विद्यालय के प्रधान मोहम्मद फारूक दुर्रानी ने भी इस संबंध में संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि “यह गलत है, ऐसा नहीं करना चाहिए”, लेकिन कार्रवाई के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
विद्यालय प्रबंधन और शिक्षक के प्रति ग्रामीणों में काफी आक्रोश
वीडियो वायरल होने के बाद चिल्मारा गांव में विद्यालय प्रबंधन और शिक्षक के प्रति ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। स्थानीय जनप्रतिनिधि और चिल्मारा पैक्स सदस्य सरोज कुमार ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने शिक्षक और प्रधानाचार्य की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों को विद्यालय में पढ़ने के लिए भेजा जाता है, न कि जहरीले रसायन का छिड़काव करने के लिए।
सरोज कुमार ने जिला शिक्षा पदाधिकारी राहुल कुमार चौधरी से इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिक्षक चंद्रशेखर कुमार और विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहम्मद फारूक दुर्रानी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बाल अधिकारों का उल्लंघन
शिक्षाविदों ने इसे बाल श्रम और बाल अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया है। आरटीई एक्ट के तहत स्कूल में बच्चों से किसी भी तरह का गैर-शैक्षणिक कार्य कराना प्रतिबंधित है। जहरीले रसायन का छिड़काव कराने से बच्चे की जान को भी खतरा हो सकता है।
मामले में जिला शिक्षा विभाग ने संज्ञान लिया है। डीईओ ने जांच टीम गठित कर 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है।
