कटिहार:मिक्सर मशीन ने 10 साल के बच्चे को रौंदा, मौत: कटिहार में भीड़ से पुलिस ने ड्राइवर को छुड़ाया, मुआवजे की मांग पर 3 घंटे जाम
संवाददाता मनोज कुमार कटिहार बिहार
कटिहार के हाजीपुर में रविवार दोपहर हुए सड़क हादसे में 10 साल के एक बच्चे की मौत हो गई। हादसा MLC अशोक अग्रवाल की टॉप लाइन इंफ्रा लिमिटेड की हाइवे मिक्सर मशीन की चपेट में आने से हुआ।
हादसे के बाद ड्राइवर गाड़ी लेकर भागने लगा। हालांकि, स्थानीय लोगों ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, चालक को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया और हिरासत में ले लिया।
घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर करीब तीन घंटे तक सड़क जाम रखा, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
घटना के बाद ग्रामीणों ने किया ट्रैफिक जाम
ग्रामीणों के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे टॉप लाइन इंफ्रा लिमिटेड की हाइवे मिक्सर मशीन कटिहार से कोढ़ा की ओर जा रही थी। इसी दौरान हाजीपुर निवासी मोहम्मद शहाबुद्दीन के 10 साल के बेटे मो. नियामत को वाहन ने कुचल दिया।
हादसा इतना भीषण था कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया, जिससे करीब तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
ड्राइवर पुलिस हिरासत में, मिक्सर मशीन जब्त
सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना अध्यक्ष संतोष कुमार निराला, यातायात थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार मंडल और यातायात इंस्पेक्टर दिनेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया और चालक को सुरक्षित हिरासत में लेकर मिक्सर मशीन को जब्त कर लिया।
मुआवजा दिलाने के आश्वासन पर परिजन हुए शांत
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेजने की तैयारी की, लेकिन परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। बाद में मुआवजा दिलाने के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए और सड़क जाम समाप्त कर दिया गया। पुलिस की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर करीब 3 बजे यातायात सामान्य हो सका।
थानाध्यक्ष बोले- मामले की जांच की जा रही
मुफस्सिल थाना अध्यक्ष संतोष कुमार निराला ने बताया कि परिजनों ने अभी तक मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने से भी इनकार किया है। उनसे लिखित आवेदन लिया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
‘नो एंट्री’ के बावजूद भारी वाहनों की लगातार प्रवेश
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि शहर में ‘नो एंट्री’ नियम लागू होने के बावजूद भारी वाहनों का लगातार प्रवेश हो रहा है, जिससे आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं।
लोगों ने प्रशासन से नो एंट्री नियम का सख्ती से पालन कराने और भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है।
फिलहाल पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। चालक की लापरवाही, वाहन की आवाजाही और दुर्घटना के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
