कटिहार:जलमग्न इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का ‘मिशन मोड’: 485 हैलोजन टैबलेट्स का वितरण और बोट एम्बुलेंस की गश्त, कटिहार प्रशासन ने संभाला मोर्चा
संवाददाता मनोज कुमार कटिहार बिहार
कटिहार, 09 सितंबर: कटिहार में बाढ़ की विभीषिका के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी से ग्राउंड जीरो पर उतर गया है। जिलाधिकारी की अगुवाई में अधिकारियों की संयुक्त टीम ने कुर्सेला के मालगोदाम रेलवे स्टेशन सहित विभिन्न प्रभावित इलाकों का सघन निरीक्षण किया और स्पष्ट निर्देश दिया कि भौगोलिक बाधाएं किसी भी सूरत में स्वास्थ्य सेवाओं की राह में रोड़ा नहीं बनेंगी।
सड़क संपर्क कटा तो नाव बनी ‘जीवनदायिनी’
बोट एम्बुलेंस से पहुंचीं टीमें: मनिहारी, अमदाबाद, कुर्सेला और बरारी के जलमग्न इलाकों में जहां आवागमन ठप है, वहां बोट एम्बुलेंस के जरिए स्वास्थ्य दलों को घर-घर तक पहुंचाया गया।
एक दिन में 22 कैंप, 700 मरीजों का उपचार: चारों प्रभावित प्रखंडों (बरारी-6, कुर्सेला-6, मनिहारी-5, अमदाबाद-5) में कुल 22 स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर करीब 700 लोगों की जांच, निशुल्क दवा वितरण और परामर्श दिया गया।
485 हैलोजन टैबलेट्स का वितरण: दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए 485 हैलोजन टैबलेट बांटी गईं और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। राहत की बात यह रही कि इस दौरान सर्पदंश या किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली।
राहत के साथ-साथ पंचायतों के कायाकल्प का मास्टरप्लान
बाढ़ से निपटने के साथ ही प्रशासन ने पंचायतों के समग्र विकास का खाका भी खींच लिया है। पंचायत सरकार भवन में आयोजित जिला स्तरीय समन्वय बैठक में विकास कार्यों को मिशन मोड में लाने का फैसला हुआ:
10-10 योजनाओं का चयन: प्रत्येक पंचायत में 10 प्रमुख योजनाओं को चिन्हित कर उनका कायाकल्प किया जाएगा। सभी पदाधिकारियों को 2 दिन के भीतर योजनाओं का प्रस्ताव तैयार करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
हेल्थ सेंटर्स (HWC/APHC) का सुदृढ़ीकरण: ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवन, मरम्मत और बुनियादी सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज मिले।
