जंगलराज की विरासत के प्रतीक है तेजस्वी यादव रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर बिहार। भाजपा नेता ओम प्रकाश उपाध्याय ने रविवार को तेजस्वी यादव के बयान पर तंज कसते हुए कहा – बिहार विधानसभा में बुरी तरह नकारे जा चुके,जंगलराज के विरासत के प्रतीक तेजस्वी यादव और उनके परिवार की स्वीकार्यता बिहार समेत अन्य जगहों में कितनी रह गई है,यह किसी से छुपी भी नहीं है। तेजस्वी की रस्सी जल गई, लेकिन एठन नहीं गई। सत्ता की कुर्सी को जर्सी गाय समझकर दूहने वालों में,सत्ता से दूर रहने की छटपटाहट कितनी है,यह उनके बयानों से समझा जा सकता है। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय नीतीश कुमार जी ने बिहार और बिहारवासियों की सेवा की है। वे न केवल सिद्धांतों से डिगे,बल्कि भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं की। उनके सिद्धांतों और कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी कटिबद्ध है। उनके लिए पद नहीं सेवा महत्वपूर्ण है। ओम प्रकाश ने आगे कहा – लालू प्रसाद यादव के पुत्र होने के अलावा तेजस्वी यादव की कोई अलग पहचान नहीं है।

जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता एवं बिहार विधान परिषद के माननीय सदस्य डॉ. राजवर्धन आजाद का एनटीपीसी परिसर, कहलगांव स्थित मानसरोवर गेस्ट हाउस में आगमन हुआ।

जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता एवं बिहार विधान परिषद के माननीय सदस्य डॉ. राजवर्धन आजाद का एनटीपीसी परिसर, कहलगांव स्थित मानसरोवर गेस्ट हाउस में […]

धान घोटाले में ‘डिजिटल डाका’! कंप्यूटर ऑपरेटर ने किसानों के नाम पर डकारे लाख, अफसरों की चुप्पी से ‘सिस्टम’ पर सवाल – FIR कौन दबा रहा?

धान घोटाले में ‘डिजिटल डाका’! कंप्यूटर ऑपरेटर ने किसानों के नाम पर डकारे लाख, अफसरों की चुप्पी से ‘सिस्टम’ पर सवाल – FIR कौन दबा […]

किशनगंज में महिला की निर्मम हत्या, मक्का के खेत से मिला शव; इलाके में दहशत

अनवर आलम दिघलबैंक किशनगंज। जिले के दिघलबैंक प्रखंड अंतर्गत गर्भनडांगा थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। थाना क्षेत्र के तलवारबंधा […]

जिला कांग्रेस कमिटी के लोकप्रिय अध्यक्ष *स्वर्गीय प्रवीण सिंह कुशवाहा जी* के आकस्मिक निधन पर आज *जिला कांग्रेस कमिटी* द्वारा एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

जिला कांग्रेस कमिटी के लोकप्रिय अध्यक्ष *स्वर्गीय प्रवीण सिंह कुशवाहा जी* के आकस्मिक निधन पर आज *जिला कांग्रेस कमिटी* द्वारा एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का […]

भागलपुर व्यवहार न्यायालय में *राष्ट्रीय लोक अदालत का हुआ आयोजन *विभिन्न मामलों एवं वाद विवादों का हुआ निपटारा* रिपोर्ट – अमरजीत कुमार तिवारी,भागलपुर/ बिहार आज भागलपुर जिला अंतर्गत व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाया गया जिसमें विभिन्न मामलों की सुनवाई करते हुए मामलों का निपटारा किया गया।भागलपुर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार ,भागलपुर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना ,के निर्देश के आलोक में व्यवहार न्यायालय भागलपुर में 9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया साथ ही भागलपुर जिले के अंतर्गत ही दो अन्य जगहों पर नवगछिया एवं कहलगांव में भी राष्ट्रीय लोक अदालत लगा ।राष्ट्रीय लोक अदालत द्वितीय का आयोजन किया गया। इस बार के लोक अदालत में भागलपुर में वाद निपटारा हेतु 22 बेंच ,नवगछिया में 7 बेंच, कहलगांव में 2 बेंच बैठने का निर्धारण किया गया । 22 बेंच में 5 बेंच चालान के लिए लगाए गए थे ।विशेष रूप से इस बार चालान की बेंच को जिला स्कूल में बैठाए गए हैं जिला स्कूल में ही सारी व्यवस्था की गई है वहां पर ट्रैफिक डिपार्टमेंट के सारे ऑफिसर एवं परिवहन विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।व्यवहार न्यायालय कंपाउंड में बैंक संबंधित मामलों के अधिकारी,बिजली विभाग अधिकारी,जैसे कई आवेदनों पर सुलह कर वाद – बैंक लॉन ,बिजली बकाया ,अन्य रेलवे के केश का आवेदन पर निपटारा किया गया । बाइट — दीपांकर पांडे, जिला सत्र न्यायाधीश , भागलपुर व्यवहार न्यायालय

आनन्दराम ढांढनियाँ सरस्वती विद्या मंदिर, भागलपुर में शिशु वाटिका खंड के तत्वावधान में शिशु के सर्वांगीण विकास हेतु “अभिभावक प्रबोधन सह शिक्षा कार्यक्रम” सम्पन्न हुआ। रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/ बिहार। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सुमंत कुमार, उप-प्रधानाचार्य श्री अशोक कुमार मिश्र, शिशु वाटिका प्रमुख श्रीमती अनीता सिन्हा, मातृ भारती अध्यक्षा श्रीमती मधु प्रिया मंडल, कोषाध्यक्षा श्रीमती तनुजा भारती , नेहा कुमारी एवं मंत्री श्रीमती रिचा मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। आगत अतिथियों का स्वागत एवं परिचय श्रीमती श्वेता सौरभ ने अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। शिशु वाटिका प्रमुख अनीता सिन्हा ने “अभिभावक शिक्षा की महत्ता” विषय पर विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए कहा कि बालक के व्यक्तित्व निर्माण में अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उक्त अवसर पर आचार्या दिव्या आनन्दी एवं आरती झा के सफल निर्देशन में अभिभावकों ने अपने शिशुओं के साथ विभिन्न रचनात्मक एवं शिक्षाप्रद गतिविधियों में सहभागिता की। कार्यक्रम में अभिभावकों को भी अपने विचार व्यक्त करने का अवसर प्रदान किया गया। सभी कक्षाओं के भैया-बहनों द्वारा हिंदी एवं अंग्रेजी में आकर्षक राइम्स प्रस्तुत की गईं, जिसे उपस्थित अभिभावकों ने खूब सराहा। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सुमंत कुमार जी ने कहा कि शिशु के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय एवं अभिभावकों के मध्य सतत संवाद एवं सहयोग आवश्यक है। संस्कारयुक्त शिक्षा, अनुशासन एवं स्नेहपूर्ण वातावरण से ही बच्चों का उज्ज्वल भविष्य निर्मित किया जा सकता है।उप-प्रधानाचार्य श्रीमान अशोक कुमार मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि शिशु जीवन की प्रथम पाठशाला उसका परिवार होता है। अभिभावकों के संस्कार, व्यवहार एवं मार्गदर्शन का प्रभाव बालक के व्यक्तित्व पर प्रत्यक्ष रूप से पड़ता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय एवं अभिभावकों के समन्वित प्रयास से ही बच्चों का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं नैतिक विकास संभव है। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ अधिक समय बिताने, उनकी जिज्ञासाओं को समझने एवं सकारात्मक वातावरण प्रदान करने का आग्रह किया। अभिभावकों को वाटिका लैव का भ्रमण कराया गया।आज के बैठक की अध्यक्षता नेहा कुमारी एवं मंच संचालन आयुषी सिन्हा ने किया। कार्यक्रम का समापन आचार्या आरती झा के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

*कचरे के ढेर पर ‘सत्याग्रह’ भागलपुर को बदहाली से* *उबारने के लिए आलोक यादव की 21 दिवसीय भूख हड़ताल सिल्क सिटी के नाम से मशहूर* संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर/बिहार भागलपुर की पहचान इन दिनों सड़कों पर बिखरे कचरे और गंदगी के अंबारों से होने लगी है, लेकिन प्रशासन की इसी बेरुखी के खिलाफ अब एक युवा ने गांधीवादी संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता आलोक यादव शहर को कचरा मुक्त बनाने और नगर निगम की सुस्त कार्यप्रणाली को पटरी पर लाने के लिए 21 दिनों की भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उनकी यह तपस्या अब धीरे-धीरे एक जन-आंदोलन का रूप ले रही है, जिसने नगर निगम से लेकर जिला प्रशासन तक की नींद उड़ा दी है धरना स्थल पर डटे आलोक यादव का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था केवल कागजों और टेंडरों तक सीमित होकर रह गई है, जबकि धरातल पर आम जनता बदबू और बीमारियों के बीच जीने को मजबूर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक डंपिंग यार्ड का वैज्ञानिक निस्तारण और हर वार्ड में कचरा प्रबंधन की ठोस व्यवस्था लागू नहीं होती, तब तक उनका यह अन्न त्याग जारी रहेगा। जैसे-जैसे अनशन के दिन बढ़ रहे हैं, आलोक की शारीरिक स्थिति तो कमजोर हो रही है, लेकिन उनकी आंखों में अपने शहर को सुंदर बनाने की चमक और भी बढ़ती जा रही है इस आंदोलन की गूंज अब गली-मोहल्लों तक पहुंच चुकी है और भारी संख्या में शहरवासी उनके समर्थन में धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि जो काम वर्षों से नगर निगम के करोड़ों के बजट नहीं कर पाए, उसे आलोक ने अपनी भूख की शक्ति से कर दिखाया है—यानी सोए हुए सिस्टम को झकझोरना। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है, फिर भी आलोक अपनी जिद पर अडिग हैं। अब भागलपुर की जनता की निगाहें प्रशासनिक गलियारे पर टिकी हैं कि क्या सत्ता के शिखर पर बैठे अधिकारी इस ‘सत्याग्रही’ की आवाज सुनेंगे या शहर फिर से उसी गंदगी के साये में जीने को अभिशप्त रहेगा। बाइट — आलोक यादव, अनशनकारी बाइट — आशीष मंडल, सामाजिक कार्यकर्ता,

*विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त पहुंच पथ पर बच्चों का खेल, प्रशासन के लिए बढ़ी चुनौती* संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर/बिहार भागलपुर शहर में विक्रमशिला पुल का क्षतिग्रस्त पहुंच पथ इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कभी भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लगातार आवाजाही के लिए पहचानी जाने वाली यह सड़क अब बच्चों के खेल मैदान में तब्दील होती नजर आ रही है। पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण जहां एक ओर यातायात पूरी तरह प्रभावित है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय बच्चे इस सुनसान पड़े रास्ते को अपने खेल और मनोरंजन का केंद्र बना चुके हैं। शाम होते ही यहां का दृश्य बिल्कुल अलग दिखाई देता है। सड़क पर बच्चे क्रिकेट खेलते नजर आते हैं, तो कुछ बच्चे साइकिल चलाना सीख रहे हैं। कई लोग यहां शाम की सैर करने भी पहुंच रहे हैं। दुर्घटना के खतरे से मुक्त इस खाली पड़े रास्ते पर लोगों को कुछ समय के लिए राहत और खुलापन महसूस हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले इस सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण बच्चों को बाहर निकलने में भी डर लगता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।हालांकि, इस बदले हुए दृश्य के पीछे एक गंभीर समस्या भी छिपी हुई है। पुल का क्षतिग्रस्त पहुंच पथ प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। यातायात बाधित होने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार, आवागमन और दैनिक जीवन पर इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द पुल मरम्मत का कार्य शुरू कर स्थिति सामान्य करनी चाहिए।फिर भी इस सुनसान सड़क पर खेलते बच्चों की मुस्कान एक अलग संदेश देती है। यह दृश्य बताता है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, जीवन अपने लिए रास्ता खोज ही लेता है। विकास के पहिए भले थम गए हों, लेकिन बच्चों की खुशियां अब भी उसी सड़क पर दौड़ रही हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग करते हुए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है बाइट TO बाइट — बच्चे

*भागलपुर में जन शिक्षा नीति 2026 पर मंथन, AISEC ने NEP 2020 को बताया शिक्षा-विरोधी* संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर/ बिहार भागलपुर के गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र में रविवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विकल्प के रूप में प्रस्तावित जन शिक्षा नीति 2026 को लेकर एक महत्वपूर्ण कन्वेंशन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा के वर्तमान परिदृश्य, एनईपी 2020 और जन शिक्षा नीति 2026 के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान शिक्षकों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत पर जोर दिया। कार्यक्रम में ऑल इंडिया सेव एजुकेशन कमिटी यानी AISEC के जिला संयोजक रवि कुमार सिंह ने कहा कि संगठन शुरू से ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का विरोध करता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति जन-विरोधी और शिक्षा-विरोधी है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि एनईपी 2020 के खिलाफ देशभर में विचार-गोष्ठियां, सेमिनार, हस्ताक्षर अभियान और संसद मार्च जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। साथ ही जन शिक्षा नीति 2026 को देश के छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के हित में बेहतर विकल्प बताया गया। कन्वेंशन में मौजूद वक्ताओं ने शिक्षा को निजीकरण से बचाने और सभी वर्गों के लिए समान एवं सुलभ शिक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की। कार्यक्रम के अंत में जन शिक्षा नीति 2026 को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प भी लिया गया। बाइट – रवि कुमार सिंह, जिला संयोजक, AISEC

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