आंखों के सामने उजड़ रहा आशियाना, गंगा की लहरों में समा रही राघोपुर की जमीन
संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर बिहार
भागलपुर गंगा नदी के भीषण कटाव ने राघोपुर क्षेत्र में हाहाकार मचा दिया है नदी की तेज धार के कारण जमीन लगातार कटती जा रही है, जिससे बहत्तरा, नन्हकार, छोटी अलावलपुर और शंकरपुर समेत कई गांवों के सैकड़ों परिवारों पर बेघर होने का संकट मंडराने लगा है हालात इतने विकट हो चुके हैं कि लोग अपनी आंखों के सामने अपना ही आशियाना उजाड़ने को मजबूर हैं। कोई घर की छतों से खपड़े उतार रहा है, तो कोई दिन-रात एक कर ट्रैक्टरों पर अपनी जीवन भर की जमा पूंजी लादकर सुरक्षित स्थानों की तलाश में निकल पड़ा है ग्रामीणों का कहना है कि कटाव बिल्कुल घर के मुहाने तक पहुंच चुका है, ऐसे में अगर तुरंत सामान नहीं निकाला गया तो सब कुछ नदी में समा जाएगा। स्थानीय निवासी ने कहा कि गरीब परिवारों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। सड़क किनारे सामान रखने पर प्रशासन वहां से भी हटाने का दबाव बना रहा है, जबकि पशुपालकों के सामने अपने मवेशियों को बचाने और सुरक्षित रखने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
इस तबाही के बीच शंकरपुर का करीब 100 साल पुराना ऐतिहासिक चैती दुर्गा मंदिर भी गंगा की तेज धार में समा गया है। दशकों पुरानी धार्मिक और सामाजिक धरोहर के जमींदोज होने से ग्रामीणों में गहरा दुख और भारी आक्रोश है। बाढ़ और कटाव के इस दोहरे दंश के बीच पूरा इलाका दहशत में जीने को मजबूर है और लोगों के पास पलायन के सिवा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है
बाइट — चाय मंडल बाढ़ पिडीत
बाइट — संजीत कुमार बाढ़ पीड़ित
बाइट — अनिल मंडल बाढ़ पीड़ित
