भारत-नेपाल सीमा पर फर्जी इमिग्रेशन स्टैम्प के साथ दो थाई महिलाएं गिरफ्तार, मानव तस्करी नेटवर्क का खुलासा

भारत-नेपाल सीमा पर फर्जी इमिग्रेशन स्टैम्प के साथ दो थाई महिलाएं गिरफ्तार, मानव तस्करी नेटवर्क का खुलासा

गलगलिया/किशनगंज, 28 मई 2026:
भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय अवैध मानव तस्करी और फर्जी दस्तावेज सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 41वीं वाहिनी एसएसबी, रानीडांगा की बॉर्डर इंटरैक्शन टीम (BIT) ने बुधवार को पानीटंकी बॉर्डर चेकपोस्ट स्थित न्यू ब्रिज पर दो थाई महिला नागरिकों को गिरफ्तार किया। दोनों महिलाएं जाली इमिग्रेशन स्टैम्प लगे पासपोर्ट के जरिए भारत से अवैध रूप से बाहर निकलने की कोशिश कर रही थीं।

एसएसबी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई कमांडेंट श्री विकास कुमार के नेतृत्व में की गई। घटना 28 मई 2026 की सुबह करीब 09:50 बजे की है, जब बीआईटी टीम ने दो विदेशी महिलाओं को ले जा रही एक सफेद स्विफ्ट कार को जांच के लिए रोका। निर्धारित प्रक्रिया के तहत महिलाओं से यात्रा दस्तावेज मांगे गए और उनके पासपोर्ट सत्यापन के लिए शिफ्ट कमांडर को सौंपे गए।

इसी दौरान वाहन चालक ट्रैफिक व्यवस्था और सामान की स्कैनिंग के लिए कार को आगे ले गया। तभी महिलाओं के साथ मौजूद एक अज्ञात व्यक्ति, जो कथित रूप से एजेंट या कूरियर की भूमिका में था, काउंटर तक पहुंचा। शिफ्ट कमांडर को पासपोर्ट पर लगे एग्जिट स्टैम्प संदिग्ध प्रतीत हुए। शक गहराते ही उक्त एजेंट दोनों महिलाओं को वहीं छोड़कर कार में बैठा और मौके से फरार हो गया। फरार वाहन और संदिग्ध की तस्वीरें पुल पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गईं।

एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में इमिग्रेशन रानीगंज से फर्जी स्टैम्प के जरिए सीमा पार कराए जाने वाले एक अवैध नेटवर्क के संबंध में अलर्ट जारी किया गया था। इसी आधार पर तत्काल इमिग्रेशन अधिकारियों को सूचना दी गई। जांच में पुष्टि हुई कि दोनों महिलाओं ने रानीगंज इमिग्रेशन कार्यालय में रिपोर्ट नहीं की थी और उन्हें कोई आधिकारिक एग्जिट स्टैम्प जारी नहीं किया गया था।

संयुक्त पूछताछ में यह सामने आया कि एक संगठित गिरोह विदेशी नागरिकों को फर्जी सरकारी सुरक्षा सील और इमिग्रेशन स्टैम्प उपलब्ध कराकर अवैध रूप से सीमा पार कराने का काम कर रहा है।

गिरफ्तार महिलाओं की पहचान 43 वर्षीय मिस पिमचानोक केटला और 38 वर्षीय मिस चिंतरा बुद्धाफोंग के रूप में हुई है। जांच में पता चला कि पिमचानोक 20 जुलाई 2025 को भारत आई थीं और दिल्ली, गुड़गांव तथा मदुरै समेत विभिन्न शहरों में स्पा एवं मसाज सेंटरों में कार्यरत थीं। वहीं चिंतरा बुद्धाफोंग कई बार भारत आ चुकी थीं और आखिरी बार 30 जुलाई 2025 को दिल्ली के रास्ते भारत पहुंची थीं। वह अहमदाबाद के एक मसाज सेंटर में काम कर रही थीं। उनका वीजा 16 जनवरी 2026 को समाप्त हो चुका था, जिसके बाद उनका भारत में रहना अवैध हो गया था।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, दोनों महिलाएं 28 मई को दिल्ली और बागडोगरा होते हुए सिंडिकेट के संपर्क में पहुंचीं, जहां उनके पासपोर्ट पर फर्जी एग्जिट स्टैम्प लगाए गए।

एसएसबी ने दोनों विदेशी नागरिकों को वीजा अवधि समाप्त होने के बाद अवैध रूप से भारत में रहने तथा फर्जी दस्तावेजों के सहारे देश छोड़ने के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दोनों को खोरीबारी पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है।

फरार एजेंट और वाहन की तलाश में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है।

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