मौलाना तौसीफ रज़ा की संदिग्ध मौत पर उठे सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग तेज

किशनगंज/बरेली।

ठाकुरगंज प्रखंड के बाखोटोली गांव निवासी एवं गोरखपुर में इमामत की जिम्मेदारी निभाने वाले मौलाना तौसीफ रज़ा मजहरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों और स्थानीय लोगों ने मामले को हत्या बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, मौलाना तौसीफ रज़ा 24 एवं 25 तारीख को उर्स-ए-ताजुश्शरिया में शिरकत करने के लिए बरेली पहुंचे थे। इसी दौरान बरेली कैंट क्षेत्र में कुछ लोगों के साथ उनका विवाद होने की बात सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर मौलाना साहब ने अपनी पत्नी को फोन कर स्थिति की जानकारी दी और पुलिस को सूचित करने के लिए कहा। इसके कुछ समय बाद उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया।
बताया जा रहा है कि कुछ देर बाद बरेली कैंट के समीप उनकी लाश बरामद की गई। परिजनों का दावा है कि मौलाना साहब और उनकी पत्नी के बीच हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, जिसमें उन्होंने अपनी जान को खतरा बताया था। इस घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं तथा लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

दल्लेगांव पंचायत के मुखिया प्रत्याशी मोहम्मद जहुर आलम रज़वी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि “एक आलिम-ए-दीन की इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत बेहद गंभीर मामला है।कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य तथ्यों के आधार पर इस मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।”

उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार एवं प्रशासन से मामले की पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। साथ ही किशनगंज के माननीय पुलिस अधीक्षक, किशनगंज सांसद, ठाकुरगंज के विधायक माननीय गोपाल कुमार अग्रवाल, माननीय मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष तथा एआइएमआइएम बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल इमान से भी मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेकर न्याय दिलाने की अपील की है।

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