88 लाख की लागत से बना जलमिनर शोभा की वस्तु, ग्रामीण अब भी दूषित पानी पीने को मजबूर

मोहम्मद मुजाहिर किशनगंज

टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय में लगभग 88 लाख रुपये की लागत से निर्मित जलमिनर आज भी ग्रामीणों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो पाया है। लाखों की लागत से बनी यह पेयजल आपूर्ति योजना अब केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जलमिनर के चालू न होने के कारण क्षेत्र के लोग अभी भी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से ग्रामीणों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों में इस स्थिति को लेकर प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का आरोप है कि करोड़ों की योजनाएं बनने के बावजूद जमीनी स्तर पर उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि जलमिनर को जल्द से जल्द चालू किया जाए और नियमित रूप से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पानी मिल सके।

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