दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में गूंजा बिहार का नाम: शाहकुण्ड के जमीनी नायक सजीवन मणि सिंह को मिला “वीर सावरकर राष्ट्रीय पुरस्कार 2026”
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/ बिहार ।
*ऐतिहासिक क्षण: देश के सबसे बड़े कन्वेंशन सेंटर में देश की दिग्गज हस्तियों के बीच हुए सम्मानित।*
*बदलाव की बयार: हाशिए पर पड़े समुदायों के उत्थान और सामाजिक समानता के लिए समर्पित है सजीवन मणि सिंह का जीवन।*
*क्षेत्र में जश्न: राष्ट्रीय पटल पर गोवरॉय, शाहकुंड का मान बढ़ने से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर।*
विशेष संवाददाता, नई दिल्ली/भागलपुर:
बिहार के सामाजिक सरोकार और जमीनी नेतृत्व ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। भागलपुर जिला अंतर्गत शाहकुण्ड प्रखण्ड के गोवरॉय पंचायत के पंचायत समिति सदस्य सह पैक्स अध्यक्ष श्री सजीवन मणि सिंह को देश की राजधानी नई दिल्ली अवस्थित भारत के सबसे भव्य और प्रतिष्ठित प्रदर्शनी एवं कन्वेंशन सेंटर “भारत मंडपम” में “वीर सावरकर राष्ट्रीय पुरस्कार 2026” से नवाजा गया है।
यह सम्मान उन्हें जमीनी स्तर पर उनके द्वारा किए गए असाधारण सामाजिक कार्यों, वंचितों के सशक्तीकरण और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को रेखांकित करते हुए दिया गया है।
*करुणापूर्ण कार्यों से बदला वंचित आबादी का भाग्य*
सजीवन मणि सिंह केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि समाज के उस तबके की मुखर आवाज हैं जो सदियों से हाशिए पर रहा है। उन्होंने सामाजिक समानता को केवल नारा नहीं बनाया, बल्कि अपनी दूरदर्शिता और करुणापूर्ण कार्यों से वंचित आबादी को मुख्यधारा से जोड़ने का भगीरथ प्रयास किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी विकास को बढ़ावा देकर उन्होंने जिन लोगों की सेवा की, आज उनके जीवन पर एक स्थायी और सार्थक प्रभाव साफ देखा जा सकता है। उनका हर प्रयास समाज में एक नई चेतना और आत्मनिर्भरता का संचार कर रहा है।
*राष्ट्रीय प्रगति और ‘आइकन’ पुरस्कार की मूल भावना के प्रतीक*
चयन समिति के अनुसार, सजीवन मणि सिंह का संपूर्ण जीवन और उनके कार्य ‘वीर सावरकर राष्ट्रीय पुरस्कार’ की मूल आत्मा को चरितार्थ करते हैं। यह पुरस्कार देश के उन विरले व्यक्तित्वों को प्रदान किया जाता है जिनकी लगन, दूरगामी सोच और परिवर्तनकारी कदमों से समाज में सार्थक बदलाव आता है और राष्ट्र प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता है। भारत मंडपम का यह भव्य मंच इस बात का गवाह बना कि कैसे बिहार के एक सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से निकला व्यक्तित्व पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है।
*पूरे भारत को प्रेरित करता है यह विशिष्ट आयोजन*
नई दिल्ली में आयोजित यह पुरस्कार समारोह अपने आप में बेहद गरिमामयी और विशिष्ट रहा, जहां देश की उन चुनिंदा राष्ट्रीय हस्तियों का जमावड़ा था जिनका असाधारण कार्य पूरे भारत में सामुदायिक विकास को नई ऊर्जा दे रहा है।
सजीवन मणि सिंह को इस सर्वोच्च मंच पर सम्मानित होते देख पूरा शाहकुण्ड प्रखण्ड और गोवरॉय पंचायत गौरव से सराबोर है। स्थानीय बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं का कहना है कि यह पुरस्कार सजीवन जी की दशकों की निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा और तपस्या का प्रतिफल है, जिसने आज राष्ट्रीय पटल पर पूरे क्षेत्र का मस्तक ऊंचा कर दिया है।
