बिलासपुर पुलिस द्वारा आज पुलिस ग्राउंड स्थित बिलासपुरगुढ़ी हॉल में जिला स्तरीय बाल संरक्षण हितधारकों की तृतीय अभिसरण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक यूनिसेफ, काउसल टू सिक्लोर जस्टिस (CSJ) एवं बिलासपुर पुलिस के संयुक्त सहयोग से आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जिले में बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण, पुनर्वास एवं विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाना था।
बैठक की अध्यक्षता श्री रजनेश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बिलासपुरने की। इस अवसर पर श्री अनिल कुमार चौहान, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) तथा सुश्री उर्वशी तिलक, वरिष्ठ निदेशक, काउसल टू सिक्लोर जस्टिस (CSJ) विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
बैठक के दौरान कानून से संघर्ष की स्थिति में आए बच्चों के लिए संचालित ‘दिशांत – नव नब की ओर’ कार्यक्रम की उपलब्धियों एवं प्रगति को साझा किया गया। साथ ही बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य एवं परामर्श सेवाओं को सुदृढ़ करने, बच्चों के लिए नशामुक्त सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा विद्यालय से बाहर बच्चों के लिए रात्रिकालीन विद्यालय जैसी पहल विकसित करने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की गई। इन विषयों पर सभी संबंधित विभागों द्वारा सामूहिक प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की गई।
अपने संबोधन में श्री रजनेश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर ने कहा कि बच्चों के समग्र संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए सभी विभागों एवं संस्थाओं के बीच निरंतर सहयोग, समन्वय और साझेदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी हितधारकों से एक सशक्त, संवेदनशील एवं बाल-अनुकूल संरक्षण तंत्र के निर्माण हेतु मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
बैठक में किशोर न्याय बोर्ड (JJB) एवं बाल कल्याण समिति (CWC) के सदस्य, प्रतिनिधि, महिला एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग एवं श्रम विभाग के अधिकारियों, सें�
संवाददाता -महेंद्र सिंह राय
