उत्तरायण परियोजना का ऐलान
भागलपुर को आध्यात्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक वैश्विक केंद्र बनाने का संकल्प
संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर बिहार
भागलपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ‘उत्तरायण’ परियोजना की घोषणा करते हुए वक्ताओं ने इसे शिक्षा, अध्यात्म, स्वास्थ्य, अनुसंधान, संस्कृति और सामाजिक सेवा को एक मंच पर लाने वाला ऐतिहासिक अभियान बताया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों, मीडिया प्रतिनिधियों और नागरिकों का स्वागत करते हुए कहा गया कि उत्तरायण का उद्देश्य भागलपुर को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक पहचान दिलाना है।
परियोजना के तहत प्रस्तावित श्री विष्णु उत्तरायण मंदिर एवं ऋष्यश्रृंग आश्रम को केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि ध्यान, योग, वैदिक अध्ययन, भारतीय संस्कृति के संरक्षण और मानव सेवा के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। साथ ही विश्वस्तरीय शिक्षा संस्थान, बहुविषयी अनुसंधान केंद्र, आधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, मीडिया सेंटर, कौशल विकास केंद्र तथा सामुदायिक विकास कार्यक्रम भी स्थापित किए जाएंगे।इस अवसर पर डीपीएस भागलपुर और वी.बी. कॉलेज ऑफ एजुकेशन की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए नए प्रोफेशनल कोर्स—NILET और STPI—शुरू करने की घोषणा की गई। आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों के लिए ‘उत्तरायण छात्रवृत्ति’ योजना का भी शुभारंभ किया गया, जिसके तहत एलआईसी समर्थित निधि से प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, हरित परिसर और गंगा पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने सरकार, उद्योग जगत, शिक्षण संस्थानों, CSR संगठनों और समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की।समारोह में डीपीएस भागलपुर के मेधावी विद्यार्थियों सिद्धांत एवं खुशी को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित करते हुए उन्हें नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया। साथ ही 9 अगस्त 2026 को सैंडिस कंपाउंड में आयोजित होने वाले विशेष आध्यात्मिक व्याख्यान की भी घोषणा की गई कार्यक्रम का समापन भागलपुर को शिक्षा, सेवा और अध्यात्म के माध्यम से विश्व पटल पर नई पहचान दिलाने के संकल्प के साथ हुआ।
