Samsung Solve for Tomorrow 2026: बीएयू सबौर में नवाचार एवं प्रौद्योगिकी-आधारित उद्यमिता को मिला प्रोत्साहन
Samsung CSR, FITT-IIT Delhi, THINK Startup एवं Startup Bihar के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया भाग।
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/ बिहार
सबौर/भागलपुर, 2 जुलाई।
नवाचार-आधारित उद्यमिता, डिज़ाइन थिंकिंग तथा प्रौद्योगिकी-संचालित समाधान विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर के स्टार्ट-अप सेल द्वारा Samsung CSR, FITT-IIT Delhi, THINK Startup एवं Startup Bihar के सहयोग से “Samsung Solve for Tomorrow 2026” के अंतर्गत एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को समस्या-आधारित नवाचार (Problem-driven Innovation), डिज़ाइन थिंकिंग, स्टार्टअप विकास एवं सामाजिक प्रभाव वाले प्रौद्योगिकी समाधानों के प्रति प्रेरित करना था। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों तथा अन्य इंजीनियरिंग संस्थानों के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
इस अवसर पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने अपने संदेश में कहा कि ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में अनुसंधान, नवाचार एवं उद्यमिता सतत् विकास और आत्मनिर्भर भारत के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका केवल मानव संसाधन तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि नवाचार, प्रौद्योगिकी विकास, बौद्धिक संपदा सृजन, स्टार्टअप संवर्धन तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के माध्यम से सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन को गति प्रदान करना भी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी कृषि, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा तथा ग्रामीण आजीविका से जुड़ी चुनौतियों के समाधान हेतु विज्ञान-आधारित स्टार्टअप विकसित कर राष्ट्रीय नवाचार पारितंत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक एवं नोडल अधिकारी डॉ. ए. के. सिंह ने की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय Innovation-driven Entrepreneurship का है, जहाँ विचारों को प्रयोगशाला से बाजार (Lab to Market) तथा अनुसंधान को उद्यम (Research to Enterprise) में परिवर्तित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे Samsung Solve for Tomorrow 2026 जैसे राष्ट्रीय मंचों का उपयोग करते हुए स्थानीय समस्याओं के लिए प्रौद्योगिकी-आधारित, किफायती एवं विस्तार योग्य (Scalable) समाधान विकसित करें तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएँ।
कार्यक्रम के मुख्य संसाधन व्यक्ति डॉ. मिथिलेश तिवारी, मेंटर, THINK Startup एवं सहायक प्राध्यापक, एस.एम. कॉलेज, भागलपुर ने विद्यार्थियों को Samsung Solve for Tomorrow 2026 की रूपरेखा, आवेदन प्रक्रिया, चयन मानदंड, डिज़ाइन थिंकिंग, समस्या-आधारित नवाचार, ग्राहक-केंद्रित समाधान विकास तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। उन्होंने नवाचार प्रक्रिया में समस्या की वैज्ञानिक पहचान, समाधान के सत्यापन (Validation), प्रोटोटाइप विकास तथा प्रभावी प्रस्तुतीकरण (Pitching) के महत्व पर बल दिया।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को टीम गठन, आइडिया वैलिडेशन, प्रोटोटाइप विकास, मेंटरशिप, इन्क्यूबेशन, प्रस्तुतीकरण कौशल तथा राष्ट्रीय नवाचार एवं स्टार्टअप सहायता तंत्र की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। संवादात्मक सत्र में विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों के साथ नवाचार, उद्यमिता एवं प्रौद्योगिकी व्यवसायीकरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजन सचिव डॉ. कीर्ति, सहायक प्राध्यापक, कृषि प्रसार शिक्षा विभाग एवं फैकल्टी इंचार्ज, स्टार्ट-अप सेल तथा डॉ. दीपक कुमार, सहायक प्राध्यापक, कृषि प्रसार शिक्षा विभाग, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, सबौर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों, शोधार्थियों एवं 100 से अधिक विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार की पहलें विश्वविद्यालयों में Innovation Culture, Technology Commercialization, Startup Incubation तथा Entrepreneurial Ecosystem को सुदृढ़ करने के साथ-साथ कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी-आधारित समाधानों के विकास को नई गति प्रदान करेंगी।
