कटिहार का अजूबा स्कूल : HM के साथ गुरुजी सोते रहे, छात्राएं पढ़ाती रहीं कंप्यूटर, परिसर में थ्रेसर-ट्रैक्टर

कटिहार का अजूबा स्कूल : HM के साथ गुरुजी सोते रहे, छात्राएं पढ़ाती रहीं कंप्यूटर, परिसर में थ्रेसर-ट्रैक्टर

संवाददाता मनोज कुमार कटिहार/बिहार

कटिहार के उत्क्रमित बालिका माध्यमिक विद्यालय पोठिया में चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई, जहाँ प्रधानाध्यापिका समेत शिक्षक क्लास के दौरान सोते मिले और छात्राएं कंप्यूटर पढ़ा रही थीं।

1.प्रधानाध्यापिका सहित शिक्षक क्लास में सोते मिले।

2.शिक्षकों की अनुपस्थिति में छात्राएं कंप्यूटर पढ़ा रही थीं।

3.स्कूल परिसर में गंदगी, ट्रैक्टर और मवेशी पाए गए।

शिक्षा और सजग शिक्षकों से ही बच्चों का भविष्य गढ़ता है, किंतु यह कथन फलका प्रखंड के उत्क्रमित बालिका माध्यमिक विद्यालय पोठिया में बिल्कुल सटीक नहीं बैठ रहा है। ‘जागरण’ की ग्राउंड पड़ताल में इस स्कूल की एक ऐसी चौंकाने वाली और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है जो पूरी शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है।

क्लास के समय गहरी नींद में सो रहे थे शिक्षक
शनिवार को दिन के करीब 1:10 बजे जब टीम विद्यालय पहुंची, तो कक्षा संचालन के समय प्रधानाध्यापिका समेत तीन शिक्षक आराम से सोते नजर आए। प्रधानाध्यापक कार्यालय के बाहर एक शिक्षक कुर्सी पर सो रहे थे, तो वहीं मुख्य कार्यालय में प्रधानाध्यापिका निहारिका कुमारी टेबल पर सिर रखकर और शिक्षक मो. रफीक कुर्सी पर गहरी नींद में थे।

छात्राओं ने संभाली कमान, परिसर में गंदगी का अंबार
टीम की आवाज सुनकर जब शिक्षकों की नींद खुली, तो उन्होंने खिसियानी हंसी हंसते हुए गर्मी का बहाना बनाया। इस दौरान छात्राएं परिसर में इधर-उधर भटक रही थीं। हैरान करने वाली बात यह थी कि एक क्लास रूम में शिक्षिका की जगह छात्रा पूजा केसरी और नंदनी राज खुद ही अन्य बच्चियों की कंप्यूटर क्लास ले रही थीं।

न साइंस के टीचर, न उर्दू-इंग्लिश की पढ़ाई
स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा पूछे जाने पर प्रधानाध्यापिका ने स्वीकार किया कि स्कूल में कुल 284 छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन यहां साइंस, इंग्लिश, उर्दू और सोशल साइंस के शिक्षक ही नहीं हैं। बिना शिक्षकों के ही वर्ग 11 और 12 की साइंस की छात्राओं का भविष्य भगवान भरोसे चल रहा है, जिसके लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखा गया है।

कुल 284 छात्राओं का ब्योरा
वर्ग 9 और 10: कक्षा 9 में 101 और कक्षा 10 में 99 छात्राएं।

इंटर कला (Arts): वर्ग 11 में 33 और वर्ग 12 में 32 छात्राएं।

इंटर विज्ञान (Science): वर्ग 11 में 11 और वर्ग 12 में भी 11 छात्राएं नामांकित हैं।

इन 4 बिंदुओं ने खोली व्यवस्था की पोल
शिक्षकों का सोना: क्लास टाइम में हेडमास्टर निहारिका कुमारी और मो. रफीक सोते मिले।

अवैध कब्जा: स्कूल कैंपस के अंदर ट्रैक्टर, थ्रेसर और चापाकल के पास मवेशी बंधे थे।

स्टाफ की कमी: स्कूल में सफाईकर्मी नहीं है और मुख्य विषयों के शिक्षक गायब हैं।

स्कूल कैंपस बना तबेला, ट्रैक्टर-थ्रेसर का कब्जा
पड़ताल में विद्यालय परिसर की स्थिति और भी बदतर पाई गई। कैंपस में साफ-सफाई न होने से गंदगी का अंबार लगा था। इतना ही नहीं, स्कूल परिसर के भीतर अवैध रूप से ट्रैक्टर और थ्रेसर खड़े थे। हद तो तब हो गई जब स्कूल के चापाकल के समीप ही पशुगाह बना दिया गया था, जहां खुलेआम मवेशी बंधे हुए थे।

कुल 10 शिक्षक, पर स्कूल में दिखीं सिर्फ 18 छात्राएं
कागजों पर कुल 10 शिक्षक पदस्थापित हैं, जिनमें दो मातृत्व अवकाश पर हैं और क्लर्क सहित आठ उपस्थित थे। प्रधानाध्यापिका ने गर्मी के कारण 50 प्रतिशत उपस्थिति का दावा किया, लेकिन धरातल पर महज डेढ़ दर्जन (18) छात्राएं ही उपस्थित दिखीं। मामले में फलका बीईओ सन्नी सौरभ ने कहा कि पठन-पाठन के समय शिक्षकों का सोना गंभीर लापरवाही है, जांच कर सख्त कार्रवाई होगी।

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