कटिहार रेल मंडल में चार नए आरओबी निर्माण प्रस्तावों को मिली मंजूरी की राह आसान, जाम से मिलेगी राहत
संवाददाता मनोज कुमार कटिहार/बिहार
कटिहार रेल मंडल के अंतर्गत चार महत्वपूर्ण रेल ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण प्रस्तावों को वर्ष 2026-27 के अम्ब्रेला वर्क के तहत शॉर्टलिस्ट किए जाने से क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के महाप्रबंधक (निर्माण) कार्यालय, मालीगांव, गुवाहाटी द्वारा 2 जुलाई को जारी पत्र के अनुसार इन परियोजनाओं को प्राथमिक सूची में शामिल किया गया है, जिससे इनके निर्माण का रास्ता और आसान हो गया है।
कटिहार जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता पंकज कुमार तमाखुवाला ने बताया कि सांसद तारिक अनवर के प्रयासों के परिणामस्वरूप कटिहार रेल मंडल की चार महत्वपूर्ण लेवल क्रॉसिंगों पर आरओबी निर्माण प्रस्तावों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेल फाटकों पर लगने वाले लंबे जाम से लोगों को राहत दिलाना, सड़क एवं रेल सुरक्षा को मजबूत करना और यातायात को सुगम बनाना है।
शॉर्टलिस्ट की गई परियोजनाओं में झौआ-मीनापुर मार्ग के एलसी संख्या केएम-13 पर लगभग 79.68 करोड़ रुपये की लागत से दो लेन आरओबी, झौआ-सालमारी मार्ग के एलसी संख्या केएम-15 पर 60.51 करोड़ रुपये की लागत से दो लेन आरओबी, सालमारी-मुकुरिया सेक्शन के एलसी संख्या केएम-18 पर 64.68 करोड़ रुपये की लागत से दो लेन आरओबी तथा कटिहार-डंडखोरा सेक्शन के एलसी संख्या केएम-4 पर 57.73 करोड़ रुपये की लागत से दो लेन आरओबी निर्माण का प्रस्ताव शामिल है।
इन चारों परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत लगभग 262.61 करोड़ रुपये बताई गई है। आरओबी निर्माण होने के बाद रोजाना हजारों यात्रियों, स्कूली बच्चों, किसानों तथा व्यावसायिक वाहनों को रेल फाटकों पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे आवागमन तेज और सुरक्षित होगा तथा क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी।
सांसद तारिक अनवर ने उम्मीद जताई कि इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से कटिहार रेल मंडल की यातायात व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा और आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।
