मुक्का मार – महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर
द्वितीय दिवस की प्रशिक्षण गतिविधियाँ (निःशस्त्र आत्मरक्षा कला)
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार ।
शिविर के दूसरे दिन प्रतिभागियों को रेड ब्रिगेड की निःशस्त्र (बिना किसी हथियार के) आत्मरक्षा तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रमुख प्रशिक्षक सुश्री ऊषा विश्वकर्मा ने बताया कि आत्मरक्षा का उद्देश्य लड़ाई करना नहीं, बल्कि स्वयं को सुरक्षित रखते हुए खतरे से बाहर निकलना है।
दूसरे दिन निम्नलिखित विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया—
आत्मविश्वास, सतर्कता और मानसिक मजबूती का महत्व।
खतरे की स्थिति को पहचानने और समय रहते सही निर्णय लेने की तकनीक।
तेज़ और प्रभावी आवाज़ (“नहीं”, “बचाओ”) का प्रयोग कर आसपास के लोगों का ध्यान आकर्षित करना।
हाथ पकड़ने (कलाई पकड़ने) पर स्वयं को छुड़ाने की विभिन्न तकनीकें।
सामने, पीछे और बगल से पकड़े जाने पर सुरक्षित तरीके से निकलने का अभ्यास।
बाल खींचने, गला पकड़ने तथा धक्का देने जैसी परिस्थितियों से बचाव के उपाय।
शरीर के संवेदनशील (Weak Points) हिस्सों की जानकारी, जहाँ आवश्यकता पड़ने पर प्रहार कर सुरक्षित निकला जा सकता है।
मुक्का, हथेली, कोहनी, घुटना और पैर का सही एवं नियंत्रित उपयोग।
हमलावर से सुरक्षित दूरी बनाकर तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर निकलने का अभ्यास।
वास्तविक जीवन की परिस्थितियों पर आधारित डेमो एवं रोल-प्ले के माध्यम से अभ्यास कराया गया।
प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को यह भी बताया कि आत्मरक्षा की सबसे बड़ी शक्ति साहस, सतर्कता और सही समय पर सही निर्णय लेना है। नियमित अभ्यास से आत्मविश्वास बढ़ता है और किसी भी कठिन परिस्थिति का सामना बेहतर ढंग से किया जा सकता है। पूरे सत्र में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सभी तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास किया।
मौके पर डिस्ट्रिक्ट चेयर रोटेरियन चन्दना चौधरी, जोनल चेयर किरण गोस्वामी, बबीता साह, बिजॉय आनंद, पिंक क्लब की अध्यक्ष रोटेरियन सुधा पांडेय, उपाध्यक्ष कमला साहू, सचिव तबस्सुम परवेज, कोषाध्यक्ष रोशनी शर्मा, मृदुला घोष, पूर्व अध्यक्ष रेणु सिंह, सिमरन सिंह , हिमांगी, दिव्या सहित सैकड़ों छात्राएं मौजूद थीं।
रोटरी विक्रमशिला पिंक क्लब
भागलपुर।
