महात्मा गांधी के आगमन के शताब्दी वर्ष पर होने वाले नगर में राष्ट्र समारोह एवं महात्मा गांधी के विचारों और मूल्यों को याद किया जाएगा।
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार।
महात्मा गांधी के आगमन के शताब्दी वर्ष पर नगर में होने वाले राष्ट्रीय समारोह में न केवल महात्मा गांधी के विचारों और मूल्यों को ही याद किया जाएगा बल्कि उनकी स्मृति से जुड़े स्थल के रूप में शुमार किए जाने वाले लाजपत पार्क सहित अन्य स्थलों की रक्षा और संरक्षण के लिए भी सामूहिक संकल्प किए जाएंगे। खासकर उस स्थल की हर हाल में सुरक्षा की जाएगी जहां गांधी जी ने ऐतिहासिक भाषण दिया था। यह निर्णय महात्मा गांधी आगमन शताब्दी समारोह समिति की गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र में वरिष्ठ गांधीवादी प्रकाश चंद गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित तैयारी बैठक में किया गया। संचालन कमल जायसवाल और संजय कुमार ने किया। शताब्दी समारोह में नगर और ग्रामीण क्षेत्र के अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी के लिए जनसंपर्क अभियानों को तेज करने का निर्णय किया गया क्योंकि गांधी के आगमन का इतिहास और उनकी स्मृतियां अंग प्रदेश के वासियों के लिए महा गौरव है और महत्वपूर्ण धरोहर हैं, इसलिए ऐसे समारोह में खासकर शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ राजनेताओं और समाज सेवकों, विद्वानों, पत्रकारों, कलाकारों, युवाओं और महिलाओं की भी भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई। बैठक मौजूद सभी नागरिकों ने आम लोगों से सामूहिक रूप से अपील की है कि गांधी आगमन शताब्दी समारोह में अधिक से अधिक संख्या भाग लेने की कोशिश करे ताकि देश भर में अंग प्रदेश के गौरव में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो सके।
इसी के साथ समारोह में आगंतुकों के लिए भोजन सहित उनकी अन्य सुविधाओं के प्रबंध के उपायों पर भी गंभीरता से विचार किया गया और इन सब कार्यों से संबंधित संयोजकों को जिम्मेदारी भी सौंपी गई। समिति के संयोजक प्रसून लतांत और डॉ सुधीर मंडल ने बताया कि पिछले छह महीने से की जा रही तैयारी के कारण गांधी आगमन शताब्दी समारोह पर देश भर के गांधी चहेतों की नजर है और उन्हें इस समारोह के बेहतर से बेहतर नतीजे सामने आने की संभावना भी नजर आ रही है । संयोजक द्वय
ने बताया कि समारोह के अवसर पर प्रकाशित होने वाली स्मारिका के लिए देशभर के विद्वानों,लेखकों और शोधार्थियों के गांधी पर केंद्रित आलेखों और शुभकामनाएं संदेशों का लगातार आगमन की रफ्तार से पता चल रहा है कि ज्यादातर लोगों को आज भी बेहतर दुनिया कायम करने की सबसे अधिक उम्मीद गांधी जी के आदर्शों के पालन में ही दिखाई पड़ रही है।
कमल जायसवाल, महबूब आलम, मो तकी अहमद
जावेद, मंजर आलम, अमित कुमार अमित, संजय कुमार,नीरज कुमार, डॉ सुधीर मंडल गौरव जैन, मोहम्मद जीनी हमीदी और वासुदेव भाई सहित अन्य लोग शामिल थे।
