कटिहार में शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम: 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में दी थी शहादत
संवाददाता मनोज कुमार कटिहार बिहार
कटिहार में 13 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश की आजादी के लिए 13 वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। इन शहीदों में मात्र 13 वर्ष के बालक ध्रुव कुंडू भी शामिल थे।
बुधवार को उनके बलिदान दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
यह कार्यक्रम नगर निगम स्थित शहीद स्मारक और ध्रुव कुंडू पार्क में बने शहीद स्तंभ के समक्ष आयोजित किया गया। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने शहीद स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर अमर शहीदों को नमन किया।
इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजय सिंह और नगर अध्यक्ष राजेश रंजन मिश्रा ने भी शहीद स्तंभ पर माल्यार्पण किया।
”बलिदान दिवस हमें देशभक्ति और त्याग की देता है प्रेरणा”
उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।
जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले मनाया जाने वाला यह बलिदान दिवस हमें देशभक्ति और त्याग की प्रेरणा देता है।
उन्होंने ध्रुव कुंडू जैसे कम उम्र के बालक के साहस को आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बताया।
कार्यक्रम में एनडीए के नेता और कार्यकर्ता सहित अन्य दलों के सदस्य भी शामिल हुए। सभी ने शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया।
पुलिस फायरिंग में 13 लोग शहीद हुए थे
स्कूली बच्चों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए और शहीद स्तंभ के पास दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
इतिहासकारों के अनुसार 13 अगस्त 1942 को कटिहार में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में 13 लोग शहीद हुए थे।
इनमें सबसे कम उम्र के शहीद ध्रुव कुंडू थे। उनकी शहादत के बाद ही इस पार्क का नाम ध्रुव कुंडू पार्क रखा गया।
जिला प्रशासन ने घोषणा की कि बलिदान दिवस को हर साल उसी गरिमा के साथ मनाया जाएगा ताकि नई पीढ़ी शहीदों के बलिदान से प्रेरणा ले सके।
