पटना, 15 अप्रैल 2026: बिहार की राजनीति ने आज़ादी के बाद से कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। राज्य में अब तक करीब 23 अलग-अलग नेताओं ने मुख्यमंत्री पद संभाला है। कई बार राजनीतिक अस्थिरता, गठबंधन बदलाव और राष्ट्रपति शासन के दौर भी देखने को मिले। आइए, साल के अनुसार बिहार के सभी मुख्यमंत्रियों का पूरा इतिहास आसान भाषा में
शुरुआती दौर (1946–1967)
बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह थे, जिन्होंने 1946 से 1961 तक लंबे समय तक शासन किया। उनके बाद दीप नारायण सिंह, बिनोदानंद झा और कृष्ण बल्लभ सहाय ने क्रमशः राज्य की कमान संभाली।
राजनीतिक अस्थिरता का समय (1967–1979)
इस दौर में बिहार की राजनीति काफी अस्थिर रही। कई मुख्यमंत्री बहुत कम समय के लिए पद पर रहे, जिनमें महामाया प्रसाद सिन्हा, सतीश प्रसाद सिंह, बी. पी. मंडल और भोला पासवान शास्त्री शामिल हैं।
इसी समय कर्पूरी ठाकुर ने भी दो बार मुख्यमंत्री पद संभाला और सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूत किया।
1980–1990 का दौर
इस दशक में जगन्नाथ मिश्रा कई बार मुख्यमंत्री बने। उनके अलावा चंद्रशेखर सिंह, बिंदेश्वरी दुबे, भागवत झा आजाद और सत्येन्द्र नारायण सिन्हा ने भी राज्य का नेतृत्व किया।
मंडल और यादव राजनीति का दौर (1990–2005)
1990 में लालू प्रसाद यादव के सत्ता में आने के साथ बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। उनके बाद राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री पद संभाला और 2005 तक शासन किया।
आधुनिक दौर (2005–वर्तमान)
2005 के बाद नीतीश कुमार बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे और कई बार मुख्यमंत्री बने। बीच में जीतन राम मांझी ने 2014–2015 के दौरान पद संभाला।
वर्तमान स्थिति (2026)
2026 में सम्राट चौधरी वर्तमान मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं।
खास बातें
बिहार में अब तक लगभग 23 अलग-अलग मुख्यमंत्री बने हैं
कई नेताओं ने एक से अधिक बार पद संभाला
राज्य में कई बार राष्ट्रपति शासन भी लागू हुआ
राजनीतिक अस्थिरता और गठबंधन बदलाव बिहार की राजनीति की प्रमुख विशेषता रही है
