“जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन नहीं, विपक्ष का ऑडिशन चल रहा है” – अजमल अशरफी
संवाददाता शुभम कुमार बिहार
पटना: छात्र जदयू के प्रदेश महासचिव सह प्रदेश राजनीतिक सलाहकार समिति, जदयू बिहार के सदस्य अजमल अशरफी ने आज जंतर मंतर पर हो रहे छात्र विरोध प्रदर्शन की राजनीति करने को लेकर विपक्ष पर कड़ा हमला बोला।
उन्होंने कहा, _“विपक्ष को छात्रों की कोई चिंता नहीं है। उनके लिए NEET सिर्फ एक हैशटैग है, NDA के लिए यह जिम्मेदारी है।”_
श्री अशरफी ने कहा, _“जब केंद्र और बिहार में NDA सरकार परीक्षा सुधार, NTA की जवाबदेही, छात्रवृत्ति और नए मेडिकल कॉलेज खोलने का काम कर रही है, तब विपक्ष जंतर मंतर पर NEET टॉपर्स के दर्द से अपनी सियासी दुकान चला रहा है।”_
विपक्ष पर 4 बड़े आरोप:
1. काम नहीं, सिर्फ ड्रामा
_“तुम्हारे पास तख्तियां हैं, हमारे पास प्लान है।
तुम NEET पर ट्वीट करते हो, हम नए मेडिकल कॉलेज बना रहे हैं।
NDA बोलती कम है, काम ज्यादा करती है।”_
2. आंदोलन नहीं, ऑडिशन*
_“10 साल सत्ता में रहे तब शिक्षा की याद नहीं आई। आज विपक्ष में हो तो NEET के छात्र याद आ गए।
कैमरा चालू = आंसू। कैबिनेट की बैठक = सन्नाटा।
यह आंदोलन नहीं, 2026 चुनाव का ऑडिशन है।”_
3. NEET पर राजनीति, समाधान नहीं
_“जब तुम्हारे राज्यों में पेपर लीक हुए तब कहां थे?
NDA ने उच्च स्तरीय कमेटी बनाई, गड़बड़ी वाली परीक्षा रद्द की, दोषियों को जेल भेजा।
तुम्हें भ्रम चाहिए, हमें 24 लाख छात्रों के लिए न्याय चाहिए।”_
4. सड़क नहीं, समाधान चाहिए
_“छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो।
अगर NEET की चिंता है तो संसद में NDA के परीक्षा सुधार बिल का समर्थन करो।
सड़क पर माहौल मत बिगाड़ो।”_
अंतिम बयान:
_“विपक्ष को सड़क चाहिए राजनीति के लिए,
NDA को लैब, लाइब्रेरी और नौकरी चाहिए छात्रों के लिए।
छात्र JDU बिहार के हर NEET अभ्यर्थी और हर छात्र के साथ खड़ा है और रहेगा।”_
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_“जंतर मंतर में छात्रों का मुद्दा नहीं है। यह विपक्ष का इवेंट है।
NEET के नाम पर राजनीति करना बंद करो। छात्रों के दर्द के साथ सेल्फी लेना बंद करो।
अगर हिम्मत है तो संसद में NDA के परीक्षा सुधार बिल का समर्थन करो।
24 लाख NEET अभ्यर्थियों को गुमराह मत करो।”_
