चेन्नई/नई दिल्ली: भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए कलपक्कम रिएक्टर में क्रिटिकैलिटी (Criticality) प्राप्त कर ली है। यह उपलब्धि देश की ऊर्जा सुरक्षा और उन्नत परमाणु तकनीक के विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।
इस महत्वपूर्ण सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और इस परियोजना से जुड़े सभी कर्मियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की वैज्ञानिक क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा प्रमाण है। प्रधानमंत्री ने इसे स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा के भविष्य की ओर बढ़ता हुआ अहम कदम बताया।
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि भारत अब उन्नत परमाणु तकनीक में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, क्रिटिकैलिटी हासिल करना किसी भी परमाणु रिएक्टर के संचालन का एक महत्वपूर्ण चरण होता है, जिसमें न्यूक्लियर फिशन की प्रक्रिया नियंत्रित तरीके से शुरू होती है। यह संकेत देता है कि रिएक्टर अब ऊर्जा उत्पादन के लिए तैयार हो रहा है।
कलपक्कम में स्थित यह रिएक्टर भारत के दीर्घकालिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य स्वदेशी तकनीक के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाना और आयातित ईंधन पर निर्भरता को कम करना है।
इस उपलब्धि के साथ भारत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
