अमृत मिशन 2.0 की लापरवाही: बारिश के मौसम में खोदे गए गड्ढे बने मुसीबत, भरारी में खाद्य सामग्री से भरा ट्रक फंसा
भरारी।
अमृत मिशन 2.0 योजना के तहत लीलागर नदी से एन.एच. (NH) रोड के किनारे बिछाई जा रही पाइपलाइन और चेंबर निर्माण का कार्य आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि बारिश के इस संवेदनशील मौसम में भी जगह-जगह गहरे गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं, जिससे हर वक्त किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
आज, दिनांक 07/07/2026 को इस लापरवाही का एक बड़ा खामियाजा देखने को मिला। सेवा सहकारी समिति भरारी के खाद्य भंडार के लिए सरकारी खाद्य भंडार के लिए लेकर आ रहा एक भारी वाहन (ट्रक) सड़क किनारे बनाए गए इसी खतरनाक चेंबर के गड्ढे में जाकर फंस गया। ट्रक के फंसने से न सिर्फ खाद्य सामग्री की डिलीवरी प्रभावित हुई, बल्कि सड़क पर आवागमन भी बाधित हो गया।
जान जोखिम में डालकर चल रहे हैं राहगीर और मवेशी
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अमृत मिशन 2.0 के ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। गड्ढों के आसपास न तो कोई बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण इन गड्ढों में पानी भर चुका है, जिससे राहगीरों और बेजुबान जानवरों को यह अंदाजा ही नहीं मिल पाता कि जमीन कहाँ खत्म हो रही है और गड्ढा कहाँ शुरू हो रहा है।
”कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा”
ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि प्रशासन को किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार है। आए दिन मवेशी और दुपहिया वाहन चालक इन गड्ढों की वजह से चोटिल हो रहे हैं। आज एक बड़ा ट्रक फंसा है, कल को कोई राहगीर या बेजुबान जानवर इसमें गिरकर अपनी जान गंवा सकता है।
लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
बारिश के दिनों में इस तरह के निर्माण कार्यों को बिना सुरक्षा मानकों के जारी रखना पूरी तरह गलत है।
संवाददाता -महेंद्र सिंह राय
