टीएनबी कॉलेज के इतिहास विभाग के शिक्षक डॉ. रवि शंकर चौधरी बने आरजीएससी के विश्वविद्यालय समन्वयक
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/ बिहार।
डॉ. चौधरी ने आरजीएससी के राष्ट्रीय चेयरमैन अशोक गहलोत, राज्य समन्वयक प्रो. रामायण प्रसाद सहित सर्कल के पदाधिकारियों का जताया आभार
Bhagalpur से balmukund kumar कि रिपोर्ट
भागलपुर। राजीव गाँधी स्टडी सर्कल बिहार (आरजीएससी) के राज्य समन्वयक प्रो. रामायण प्रसाद के अनुमोदन पर सोमवार को टीएनबी कॉलेज भागलपुर के इतिहास विभाग के वरीय सहायक प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष डॉ. रवि शंकर कुमार चौधरी को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक राजीव गांधी स्टडी सर्कल (आरजीएससी) तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर का *विश्वविद्यालय समन्वयक* नियुक्त किया गया है।
उक्त आशय की जानकारी देते हुए आरजीएससी बिहार के सह-समन्वयक डॉ. दीपक कुमार दिनकर ने बताया की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी की गई है। यह नियुक्ति आरजीएससी के राष्ट्रीय चेयरमैन माननीय अशोक गहलोत के निर्देश और राज्य समन्वयक प्रो. रामायण प्रसाद की अनुशंसा पर की गई है।
जारी पत्र में कहा गया है की नव नियुक्त विश्वविद्यालय समन्वयक विश्वविद्यालय के अंतर्गत सभी कॉलेजों और स्नातकोत्तर विभागों में राजीव गांधी स्टडी सर्कल की सक्रिय उपस्थिति और कार्यक्रमों का विस्तार करके इसकी गतिविधियों को मजबूत करेंगे। नव नियुक्त समन्वयक डॉ. चौधरी से अपेक्षा की जाती है कि वे राज्य इकाई और संबंधित अधिकारियों के समन्वय से शैक्षणिक, बौद्धिक और जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से राजीव गांधी स्टडी सर्कल के उद्देश्यों को बढ़ावा देंगे।
सर्कल को विश्वास है की उनके कुशल नेतृत्व में आरजीएससी की विश्वविद्यालय इकाइयाँ महत्वपूर्ण प्रगति हासिल करेंगी और सर्कल के लक्ष्यों और उद्देश्यों को प्राप्त करने और पूरा करने में प्रभावी ढंग से योगदान देंगे। सर्कल भारत के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में पहल करेगा साथ ही युवाओं में नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास और संवाद कौशल का विकास करने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन करेगा।
इधर, सर्कल के विश्वविद्यालय समन्वयक बनने पर डॉ. रवि शंकर कुमार चौधरी ने बताया की जल्द ही टीएमबीयू के सभी महाविद्यालयों और पीजी विभागों में कमिटी का विस्तार किया जाएगा और बड़ी संख्या में शिक्षकों, शोधार्थियों और छात्रों और बुद्धिजीवियों को इससे जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया की नियमित रूप से सेमिनार, वेबिनार, कांफ्रेंस, वर्कशॉप, व्याख्यान, गोष्ठी आदि बौद्धिक आयोजन किये जायेंगे।
उन्होंने बताया की सर्कल का उद्देश्य समाज सेवा, जन-जागरूकता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना है। वहीं वैज्ञानिक सोच, तर्कशीलता और समसामयिक विषयों के अध्ययन को प्रोत्साहित करना शामिल है। समान अवसर, समावेशी विकास और सामाजिक सद्भाव की भावना को बढ़ावा देना भी सर्कल के उद्देश्य में शामिल हैं।
डॉ. चौधरी ने सर्कल के विश्वविद्यालय समन्वयक पद पर नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय चेयरमैन व राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राष्ट्रीय इंचार्ज कोर्डिनेटर प्रो. सतीश कुमार राय, बिहार समन्वयक प्रो. रामायण प्रसाद, राज्य सह-समन्वयक डॉ. दीपक कुमार दिनकर आदि के प्रति आभार जताया है।
