आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), भागलपुर द्वारा तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में विभिन्न छात्रहित एवं महिला सम्मान से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर जोरदार आंदोलन एवं प्रदर्शन किया गया।

आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), भागलपुर द्वारा तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में विभिन्न छात्रहित एवं महिला सम्मान से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर जोरदार आंदोलन एवं प्रदर्शन किया गया।

रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार।

भागलपुर विश्वविद्यालय में ABVP के कार्यकर्ता ने किया प्रदर्शन ।इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को दृढ़ता से रखा।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कुलपति पर लगे गंभीर आरोपों का मुद्दा उठाते हुए कुलसचिव (रजिस्ट्रार) के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं द्वारा “महिला विरोधी कुलपति” के विरुद्ध नारे भी लगाए गए। परिषद के कार्यकर्ताओं का कहना था कि बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा में एक महिला संविदा कर्मी द्वारा कुलपति पर शोषण का आरोप लगाया गया है, लेकिन इस गंभीर विषय पर अब तक कुलपति की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक है।

कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के एक शिक्षक एवं सिंडीकेट सदस्य द्वारा बिना किसी ठोस आधार के कुलपति को निर्दोष बताया गया है। परिषद ने मांग की कि यदि कुलपति पर लगे आरोप गलत हैं तो उसका स्पष्ट एवं सार्वजनिक आधार प्रस्तुत किया जाए, अन्यथा ऐसे मामलों में जिम्मेदार व्यक्तियों पर उचित कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही परिषद ने विश्वविद्यालय में छात्राओं के विभिन्न विषयों में लगातार NEP (नेशनल एजुकेशन पॉलिसी) के नाम पर त्रुटिपूर्ण अंकन कर उन्हें परेशान करने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। इस समस्या के विरोध में आज विश्वविद्यालय को आंशिक रूप से बंद कराया गया।

आंदोलन के उपरांत परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने कुलसचिव, कुलानुशासक एवं परीक्षा नियंत्रक से वार्ता की। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सात दिनों के भीतर परीक्षा से संबंधित सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद आंदोलन को समाप्त किया गया।

इस अवसर पर प्रदेश सह मंत्री कुणाल पांडेय एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैप्पी आनंद ने कहा कि विद्यार्थी परिषद हमेशा छात्र-छात्राओं के सम्मान, सुरक्षा एवं अधिकारों के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।

वहीं विशेष आमंत्रित सदस्य आशुतोष तोमर एवं जिला संयोजक सूर्या प्रताप ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को पारदर्शिता अपनाते हुए छात्रों एवं महिलाओं से जुड़े सभी मामलों में त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।

प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मुक्ता सिंह एवं निधि ने कहा कि यदि कुलपति पर लगे आरोप सत्य पाए जाते हैं तो ऐसे व्यक्ति पर कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए, ताकि महिला सम्मान एवं विश्वविद्यालय की गरिमा बनी रहे।

कार्यक्रम में प्रतियोगी परीक्षा सह संयोजक अमन रॉय, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य किशन सोनी, ऋषि महतो, राजा यादव, नगर मंत्री पीयूष भारती, सुमित सिंह, सोहम, अवनीश, लक्ष्मण, प्रिया, साक्षी, श्वेता, राधा, अंकिता, शिव सागर एवं आशीष सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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