डीएम एवं एसएसपी ने सहयोग शिविर को लेकर की बैठक

डीएम एवं एसएसपी ने सहयोग शिविर को लेकर की बैठक

रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार।

भागलपुर, 11 मई 2026 : 19 मई, मंगलवार से आयोजित होने वाले सहयोग शिविर को लेकर आज माननीय मुख्यमंत्री, बिहार श्री सम्राट चौधरी के कर-कमलों द्वारा “सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100” का शुभारंभ किया गया।
इस हेल्पलाइन नंबर पर कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या दर्ज करा सकता है। इसके साथ ही “सहयोग पोर्टल” का भी शुभारंभ किया गया, जिसका वेब पता sss.bihar.gov.in/sahyog है।
अब प्रत्येक माह के प्रथम एवं अंतिम मंगलवार को पंचायतों में सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए शिविर आयोजित होने से 15 दिन पूर्व सभी विभाग अपने-अपने नोडल पदाधिकारी नियुक्त करेंगे, जो संबंधित पंचायत के लोगों की समस्याओं अथवा योग्य मांगों से संबंधित आवेदन प्राप्त कर उन्हें सहयोग पोर्टल पर अपलोड करेंगे।
शिविर से प्राप्त आवेदनों का निष्पादन 15 दिनों के भीतर करना होगा। अधिकतम 30 दिनों के अंदर मामलों का निष्पादन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करना है। निर्धारित अवधि में निष्पादन नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध स्वतः निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही सभी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यह पता चल सके कि कार्यालय में कौन व्यक्ति आ-जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति किसी कार्यालय अथवा थाना में बार-बार प्रवेश करता पाया जाता है, तो उसकी जांच की जाएगी कि कहीं वह ब्रोकर के रूप में कार्य तो नहीं कर रहा है। ऐसा पाए जाने पर उसके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सहयोग पोर्टल की मॉनिटरिंग माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सभी पदाधिकारियों को माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों से अवगत कराते हुए कहा कि apne कार्यालयों में लंबित सभी आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। जिन पंचायतों में शिविर का आयोजन होना है, वहां से प्राप्त आवेदनों का निष्पादन एक सप्ताह के भीतर कर देना है। यदि कोई मांग योग्य नहीं पाई जाती है, तो संबंधित जांच कर उसकी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करते हुए संबंधित व्यक्ति को उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाए।
जमीन विवाद से संबंधित मामलों के त्वरित निष्पादन के भी निर्देश दिए गए। सभी कार्यालय प्रधानों को आवेदन प्राप्ति एवं निष्पादन की स्थिति दर्ज करने हेतु अलग से अद्यतन पंजी संधारित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक श्री प्रमोद कुमार यादव ने सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों एवं थानाध्यक्षों को लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्धारित 30 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर स्वतः निलंबन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, इसलिए किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि माता-पिता भरण-पोषण से संबंधित मामलों में अनुमंडल दंडाधिकारी को ₹5000 तक जुर्माना अथवा तीन माह तक कारावास की कार्रवाई करने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि वे अपने थानों में पदस्थापित सब-इंस्पेक्टरों को भी मामलों का दायित्व देकर त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें।
बैठक को उप विकास आयुक्त श्री प्रदीप कुमार सिंह ने भी संबोधित किया तथा माननीय मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों से पुनः सभी पदाधिकारियों को अवगत कराया।
बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक श्री शैलेंद्र सिंह, अपर समाहर्ता श्री दिनेश राम सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। प्रखंडों से बीडीओ एवं थानाध्यक्ष ऑनलाइन माध्यम से जुड़े हुए थे।

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