भागलपुर विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, शैक्षणिक अराजकता एवं छात्र समस्याओं को लेकर पंचायती राज मंत्री को सौंपा गया ज्ञापन।

भागलपुर विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, शैक्षणिक अराजकता एवं छात्र समस्याओं को लेकर पंचायती राज मंत्री को सौंपा गया ज्ञापन।

संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर/बिहार।

*छात्र राष्ट्रीय लोक मोर्चा भागलपुर के नेतृत्व में आज तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, शैक्षणिक अराजकता, गिरते शैक्षणिक स्तर, छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ एवं छात्रहित के प्रति प्रशासन की उदासीनता को लेकर बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री एवं युवाओं के लोकप्रिय नेता से मुलाकात कर पुष्पगुच्छ देकर बधाई दिया गया व विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।*

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे छात्र जिलाध्यक्ष सत्यम मिश्रा ने मंत्री श्री दीपक प्रकाश के समक्ष ज्ञापन सौंप कर विश्वविद्यालय की गंभीर समस्याओं को मजबूती से रखा और बताया कि वर्तमान समय में विश्वविद्यालय की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो चुकी है। छात्रों को समय पर परीक्षा परिणाम नहीं मिल रहे हैं, हजारों छात्र-छात्राओं को बिना कारण अनुपस्थित या अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया जा रहा है, कई महीनों तक प्रमाणपत्र एवं अंकपत्र लंबित रखे जा रहे हैं तथा विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं के समाधान के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन बना हुआ है।

संगठन के वरीय प्रदेश उपाध्यक्ष प्रतीक कुशवाहा ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार गिरावट आ रही है। विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों में नियमित कक्षाओं का संचालन नहीं हो रहा है, शैक्षणिक वातावरण समाप्त होता जा रहा है तथा छात्रों को मूलभूत शैक्षणिक सुविधाओं से भी वंचित रखा जा रहा है। छात्र-छात्राओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार विश्वविद्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है, लेकिन प्रशासन केवल आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारियों से बचने का कार्य कर रहा है।

छात्र राष्ट्रीय लोक मोर्चा के छात्र नेता व मारवाड़ी कॉलेज अध्यक्ष ह्रषिकेश प्रकाश ने ज्ञापन के माध्यम से यह भी अवगत कराया कि विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार एवं अव्यवस्था इस स्तर तक बढ़ चुकी है कि छात्रों का भविष्य सीधे प्रभावित हो रहा है। परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी, सत्र विलंब, प्रशासनिक लापरवाही एवं छात्रहित की अनदेखी ने पूरे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को कमजोर कर दिया है।

*मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्न मांगें रखी गईं—*
●विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
●परीक्षा परिणाम में हुई गड़बड़ियों को तत्काल सुधार कर छात्रों को न्याय दिया जाए।
गलत तरीके से अनुपस्थित एवं फेल घोषित किए गए छात्र-छात्राओं का परिणाम शीघ्र संशोधित किया जाए।
●लंबित अंकपत्र, प्रमाणपत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज अविलंब उपलब्ध कराए जाएं।
●पीजी अम्बेडकर विचार विभाग के जर्जर हालत को जल्द से जल्द मरम्मत या नवनिर्माण कराया जाए।
●शैक्षणिक सत्र को नियमित कर छात्रों का भविष्य सुरक्षित किया जाए।
●विश्वविद्यालय या कॉलेज स्तर पर चयनित छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय खेल में भाग लेने के लिए समयानुसार उन्हें भेजा जाए आर्थिक रूप से सहयोग भी किया जाए।
●विश्वविद्यालय प्रशासन की जवाबदेही तय कर लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
●वर्षो से बंद पड़े छात्र संघ चुनाव को भी कराया जाए जिससे छात्रों को उनका लोकतांत्रिक प्रतिनिधि मिल सके।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि छात्रहित की मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन चलाने को बाध्य होगा। छात्रहित एवं बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
*मंत्री श्री दीपक प्रकाश ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना तथा समस्याओं के समाधान हेतु उचित पहल का आश्वासन दिया। संगठन ने कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों के अधिकारों की रक्षा एवं विश्वविद्यालय की गरिमा बचाने के लिए किया जा रहा है।*

*इस अवसर पर संगठन के छात्र प्रकोष्ठ के वरीय प्रदेश उपाध्यक्ष प्रतीक कुशवाहा जी, छात्र जिलाध्यक्ष सत्यम मिश्रा, विवि कार्यकारी अध्यक्ष गिरीश झा,छात्र नेता ह्रषिकेश प्रकाश, रमन राठौड़, शुभम कुमार,प्रिंस कुमार सहित कई पदाधिकारीगण, कार्यकर्ता उपस्थित रहे।*

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