Katihar: शेरशाहवादियों को बाहरी बताना गलत – अख्तरुल ईमान: कटिहार में बोले- बांग्लादेशी कहने वाले अपना गिरेबान झांकें, समाज को बहुत कुछ दिया
संगत तथा मनोज कुमार कटिहार/बिहार
AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान ने कटिहार में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत की। उन्होंने शेरशाहवादी समुदाय को ‘बांग्लादेशी’ कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई।
ईमान ने कहा कि जो लोग शेरशाहवादियों को बाहरी बताते हैं, उन्हें पहले अपना गिरेबान झांकना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि शेरशाहवादी समुदाय ने समाज को बहुत कुछ दिया है। उनके अनुसार, सीमांचल में कृषि क्षेत्र में आई क्रांति शेरशाहवादियों के आगमन का ही परिणाम है।
सभी को भारतीय बताते हुए मिलजुलकर रहने की व्यवस्था पर जोर दिया
उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस क्षेत्र में व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा राजस्थानी समुदाय के योगदान से मिला है। ईमान ने चेतावनी दी कि यदि शेरशाहवादियों के खिलाफ आवाज उठाई जाती है, तो कल राजस्थानी समुदाय के खिलाफ भी ऐसी बातें उठेंगी। उन्होंने सभी को भारतीय बताते हुए मिलजुलकर रहने की व्यवस्था पर जोर दिया।
राबड़ी देवी द्वारा सरकारी आवास खाली न करने के सवाल पर अख्तरुल ईमान ने कहा कि वह विपक्ष की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर वहां रह रही थीं। उन्होंने याद दिलाया कि लालू प्रसाद यादव भी पहले वहां रह चुके हैं। ईमान ने 25 साल बाद उन्हें हटाने के फैसले को ‘समझ से बाहर’ बताया।
राज्य में अभी भी 100% लोगों के पास मोबाइल नहीं – अख्तरुल ईमान
बिहार में चल रही गणना पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अभी भी 100% लोगों के पास मोबाइल नहीं है। कई घरों में बिजली कनेक्शन नहीं है, और उनके अपने क्षेत्र में भी ऐसे स्थान हैं जहां बिजली नहीं पहुंची है। उन्होंने यह भी बताया कि सभी घरों में गैस चूल्हे और शौचालय भी उपलब्ध नहीं हैं।
ईमान ने इन बुनियादी सुविधाओं को किसी भी समाज में गरीबी का मापदंड बताया। उन्होंने दावा किया कि पर्यवेक्षकों ने उन्हें बताया है कि अधिकारियों द्वारा गलत आंकड़े देने का दबाव डाला जा रहा है। हालांकि, उन्हें लिखित में कुछ नहीं दिया गया, केवल मौखिक रूप से ‘ऊपर का आदेश’ बताया गया। उन्होंने आशंका जताई कि इस तरह की गलत रिपोर्टिंग से सीमांचल क्षेत्र को बड़ा नुकसान होगा।
