मोदी सरकार के 12 वर्षों की विकास यात्रा और केंद्रीय सहयोग से बदल रही बिहार की तस्वीर : नीतीश मिश्रा

मोदी सरकार के 12 वर्षों की विकास यात्रा और केंद्रीय सहयोग से बदल रही बिहार की तस्वीर : नीतीश मिश्रा

भागलपुर में बिहार सरकार के मंत्री नीतीश मिश्रा ने की प्रेस वार्ता

रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/ बिहार

भागलपुर।* बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग सह सूचना प्रावैधिकी विभाग के मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने भागलपुर में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्र की मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को विकास, विश्वास और जनकल्याण का एक ऐतिहासिक सफर बताया । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों की इस यात्रा ने न सिर्फ विकसित भारत के संकल्प को मजबूत किया है बल्कि बिहार की तस्वीर को भी संवारने का काम किया है। नीतीश मिश्रा ने कहा कि 10 जून को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देश के सबसे लंबे समय तक (4399 दिन) लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का गौरव प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस सरकार की सबसे बड़ी ताकत जनता का अटूट विश्वास और शत-प्रतिशत लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने का सेवा भाव है ।

प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री नीतीश मिश्रा ने आंकड़ों के साथ केंद्र और राज्य की डबल-इंजन सरकार के साझा प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से 2024 के बीच बिहार को ₹9.23 लाख करोड़ की केंद्रीय सहायता और योजनाएं प्राप्त हुई हैं जो यूपीए (UPA) शासनकाल की तुलना में 4 गुना अधिक है। वर्तमान में बिहार सरकार का कुल बजट ₹3.47 लाख करोड़ है, इसमें भारत सरकार का काफी बड़ा योगदान राज्य को प्राप्त होता है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2015 में घोषित ₹1 लाख 25 हजार करोड़ के ऐतिहासिक पीएम पैकेज में से ₹54 हजार 7 सौ करोड़ रुपये केवल सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए दिए गए थे ।

आधारभूत संरचना के विकास का जिक्र करते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में बिहार में पहली बार 5 से 6 एक्सप्रेस-वे सड़कों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें पटना-पूर्णिया, बक्सर-भागलपुर, आमस-दरभंगा, गोरखपुर-सिलीगुड़ी, रक्सौल-हल्दिया और वाराणसी-गयाजी-कोलकाता शामिल हैं । गंगा नदी पर कनेक्टिविटी को मजबूत करते हुए 7 नए पुल बनाए जा चुके हैं और 7 अन्य निर्माणाधीन हैं। औंटा- सिमरिया गंगा ब्रिज और पटना – आरा – सासाराम 4 लेन कॉरिडोर जैसे बड़े कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स से नार्थ और साउथ बिहार को बेहतर तरीके से जोड़ा गया।

मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि बिहार को रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹1 लाख करोड़ मिले हैं । ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत राज्य के 198 रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है और राज्य में ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ ट्रेनों का सफल संचालन हो रहा है । हवाई संपर्क के क्षेत्र में पटना के नए टर्मिनल के साथ-साथ दरभंगा, गया और पूर्णिया में ‘ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट’ को मंजूरी दी गई है तथा बिहटा में निर्माण कार्य जारी है।

किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ के तहत सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ की गई है । बिहार में बागमती-बूढ़ी गंडक रिवर लिंक योजना लगभग पूरी हो चुकी है और कोसी-मेंची रिवर लिंक योजना का कार्य भी तेजी से जारी है। राज्य में पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 76 लाख से अधिक किसान सीधे लाभान्वित हो रहे हैं और 9 लाख किसानों को ₹8,000 करोड़ से अधिक का केसीसी (KCC) लोन दिया गया है। मखाना को जीआई टैग (GI Tag) मिलने के साथ-साथ राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का गठन किया गया है। उद्योगों के मोर्चे पर ‘बिहार इन्वेस्टमेंट समिट’ के तहत ₹2.3 लाख करोड़ के एमओयू (MoU) साइन हुए हैं तथा मुजफ्फरपुर और खगड़िया में ‘मेगा फूड पार्क’ स्थापित किए जा रहे हैं ।

नीतीश मिश्रा ने स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के चालू मेडिकल कॉलेजों की संख्या 9-10 से बढ़कर 15 हो गई है और 21 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। दरभंगा में राज्य के दूसरे एम्स (AIIMS) का निर्माण कराया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत बिहार के 4 करोड़ से अधिक नागरिकों (लगभग 5 करोड़ लोग) को ₹82,000 करोड़ से अधिक के मुफ्त इलाज का लाभ मिला है। वहीं, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से राज्य के लगभग 8 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी ऐतिहासिक सुधार करते हुए राज्य का शिक्षा बजट बढ़ाकर ₹77,690 करोड़ कर दिया गया है, जिसके तहत इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या 2 से बढ़ाकर 38 और आईटीआई (ITI) की संख्या 23 से बढ़ाकर 152 कर दी गई है।

मंत्री नीतीश मिश्रा ने अंत में ज़ोर देकर कहा कि डबल-इंजन की यह सरकार विकास के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक चेतना और विरासत के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नालंदा विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना और वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा इसके भव्य परिसर का उद्घाटन हमारी गौरवशाली विरासत को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक मील का पत्थर है । साथ ही, बिहार के पिछड़े और वंचित वर्गों का गौरव बढ़ाते हुए केंद्र सरकार द्वारा जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया है। माता सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम (सीतामढ़ी) में भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है, जिसे राम-जानकी पथ और रेल सेवा के जरिए सीधे अयोध्या से जोड़ा जा रहा है, जबकि नालंदा और गयाजी में भी विशेष कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है।

श्री नीतीश मिश्रा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि विकास ही आज की सरकार की कार्यसंस्कृति बन चुकी है और यह साझा विकास यात्रा बिहार को विकसित बनाने तक निरंतर जारी रहेगी ।
भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष कुमार,प्रदेश महामंत्री डॉ प्रीति शेखर,जिला महामंत्री नितेश सिंह,राजीव मुन्ना, स्वेता सिंह,बंटी यादव,जिला मीडिया प्रभारी प्राणिक वाजपेयी, वंदना तिवारी, विकास कर्ण,जिला सोशल मीडिया संयोजक विनीत भगत,पंकज गुप्ता,रामनाथ पासवान आदि कार्यकर्ता उपस्तिथ हुए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!