पूर्व रेलवे ने आधुनिक तकनीकी उन्नयन के माध्यम से यात्री सुरक्षा और सुविधा को किया और बेहतर
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार
आधुनिक, सुरक्षित एवं यात्री-अनुकूल रेल यात्रा के प्रति अपनी सतत प्रतिबद्धता के तहत पूर्व रेलवे ने विभिन्न खंडों में कई महत्वपूर्ण तकनीकी एवं संचार उन्नयन कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं। यह सभी कार्य पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर के गतिशील नेतृत्व में संपन्न हो रहे हैं, जिनकी प्रगतिशील सोच यह सुनिश्चित करती है कि यात्री सुविधा एवं सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे। अत्यंत सटीक समय-निर्धारण प्रणाली से लेकर महत्वपूर्ण रेल परिचालन को विद्युत बाधाओं से सुरक्षित रखने तक, ये सभी कदम रेल यात्राओं को अधिक सुगम, सुरक्षित एवं भरोसेमंद बनाने के उद्देश्य से उठाए गए हैं।
पर्दे के पीछे किए गए ये छोटे-छोटे तकनीकी सुधार प्रतिदिन यात्रा करने वाले आम यात्रियों के अनुभव को सीधे तौर पर बेहतर बनाते हैं। उदाहरणस्वरूप, बरियारपुर (BUP) स्टेशन पर एक नवीन जीपीएस प्लेटफॉर्म घड़ी स्थापित की गई है, जो उपग्रहों से सीधे जुड़कर सेकंड तक की सटीक समय-सूचना प्रदान करती है, जिससे यात्रियों को गलत समय दर्शाने वाली घड़ियों के कारण ट्रेन छूटने जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इसी प्रकार, भागलपुर–टिकानी खंड में स्थित लेवल क्रॉसिंग गेट संख्या 1सी, 2सी एवं 3सी पर सुरक्षा को और सुदृढ़ किया गया है। यहां वॉयस लॉगर स्लेव फोन को संचालित करने वाली 12वी/120एएच क्षमता की द्वितीयक बैटरियों को नई बैटरियों से प्रतिस्थापित किया गया है, जिससे निर्बाध संचार सुनिश्चित होगा तथा यातायात अवरोधों को रोकने के साथ-साथ जन-सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।
स्टेशन परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को भी सशक्त बनाया गया है। न्यू फरक्का स्टेशन स्थित सीसीटीवी हाजत (आरपीएफ) में 1.1 केवीए यूपीएस स्थापित किया गया है, जो अचानक बिजली कटने की स्थिति में भी निगरानी प्रणाली को निर्बाध रूप से संचालित रखेगा, जिससे यात्रियों एवं उनके सामान की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
रेलवे ने अपनी डिजिटल नेटवर्क अवसंरचना को भी व्यापक रूप से उन्नत किया है, जिससे परिचालन दक्षता में वृद्धि होगी। न्यू फरक्का स्टेशन के आरपीएफ कार्यालय में रेलनेट कनेक्टिविटी हेतु एक ऑप्टिकल नेटवर्क यूनिट स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त, मनीग्राम रिले रूम तक दो नेटवर्क स्विचों के माध्यम से यह महत्वपूर्ण इंटरनेट नेटवर्क विस्तारित किया गया है, जिससे स्थानीय कर्मचारियों को आवश्यक सूचनाओं एवं डेटा का त्वरित आदान-प्रदान करने में सुविधा मिलेगी।
संचार व्यवस्था को मौसम संबंधी बाधाओं से सुरक्षित बनाने के लिए तिलडांगा एवं बोनीदांगा (TDLE–BDAG) के मध्य बिंदुबासिनी हॉल्ट पर आईबीएच कार्य के अंतर्गत अप एवं डाउन दोनों दिशाओं में 2×48 कोर फाइबर ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बिछाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। इससे भारी वर्षा के दौरान भी सिग्नलिंग संचार प्रणाली प्रभावित नहीं होगी। वहीं, गोड्डा–कटवा खंड में विशेष क्वाड केबल बिछाने का कार्य पूर्ण किया गया है, जिसके माध्यम से बीपीएसी एवं यूएफएसबीआई की एक-एक इकाई को अधिक सुरक्षित मीडिया नेटवर्क पर स्थानांतरित किया गया है। यह प्रणाली ट्रैक की उपलब्धता की दोहरी पुष्टि कर मानवीय त्रुटियों तथा सिग्नलिंग में होने वाली देरी को कम करने में सहायक होगी। इसके अतिरिक्त, भागलपुर ईस्ट पैनल में पुराने वीएचएफ रेडियो सेट के स्थान पर नया 25 वॉट क्षमता वाला वीएचएफ रेडियो सेट स्थापित किया गया है, जो स्थानीय ट्रेन परिचालन प्रबंधन हेतु स्पष्ट एवं निर्बाध संचार सुनिश्चित करेगा। वहीं, राजमहल सीएमएस में नया सीएमएस लिंक (राजमहल-जमालपुर) भी शुरू किया गया है, जिससे ट्रेन क्रू परिवर्तन की निगरानी एवं प्रबंधन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा और ट्रेनों की समयपालन क्षमता में सुधार होगा।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि ने कहा, “पूर्व रेलवे में हम प्रत्येक यात्रा को सुरक्षा और सुविधा का एक वादा मानते हैं। अपने महाप्रबंधक के मार्गदर्शन में भूमिगत केबलों के उन्नयन, आपातकालीन बैटरियों के प्रतिस्थापन तथा इलेक्ट्रॉनिक संचार नेटवर्क को मजबूत कर हम एक अधिक सक्षम एवं आधुनिक रेलवे नेटवर्क का निर्माण कर रहे हैं। यद्यपि ये तकनीकी सुधार यात्रियों को प्रत्यक्ष रूप से दिखाई नहीं देते, लेकिन इनके परिणामस्वरूप अधिक सुरक्षित रेल पथ, समय पर चलने वाली ट्रेनें तथा यात्रियों के लिए एक सुरक्षित एवं विश्वसनीय वातावरण सुनिश्चित होता है।”
