​रेलवे लाइन भूमि अधिग्रहण: किसानों ने पचपेड़ी तहसील में उचित मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग को लेकर उठाई आवाज

​रेलवे लाइन भूमि अधिग्रहण: किसानों ने पचपेड़ी तहसील में उचित मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग को लेकर उठाई आवाज


बिलासपुर – पचपेड़ी परिक्षेत्र में विशेष रेलवे परियोजना (खरसिया-बलौदाबाजार-परमलाकसा 5वीं एवं 6वीं लाइन) के तहत नई रेल लाइन बिछाने के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी सिलसिले में प्राप्त आपत्तियों के निराकरण एवं व्यक्तिगत सुनवाई के लिए पचपेड़ी तहसील कार्यालय में एक नियत तिथी दिनांक 02/07/2026 को बैठक आयोजित की गई।
​बैठक में एसडीएम (मस्तूरी) शिव कुमार कंवर एवं पचपेड़ी तहसीलदार नीलम सिंह पिस्दा की उपस्थिति में प्रभावित किसानों से अनापत्ति और उनकी समस्याओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। कुछ किसानों का कहना था कि कुछ शेष छोटे छोटे टुकड़े जमीन को कृषि कार्य करने नहीं बन सकते को भी अधिकृत कर मुआवजा दिया जाए कहा गया और
​किसानों ने रखीअपनी
दो प्रमुख मांगें
​सुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे क्षेत्र के प्रभावित किसानों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए दो टूक शब्दों में शासन के सामने अपनी मांगें रखीं:
​उचित व सम्मान जनक मुआवजा: किसानों का कहना है कि उनकी कीमती उपजाऊ जमीन रेलवे लाइन में जा रही है, इसलिए उन्हें जमीन का बाजार मूल्य के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए।
​परिवार के एक सदस्य को नौकरी: किसानों ने मांग की है कि भूमि अधिग्रहण के बदले केंद्र सरकार द्वारा प्रभावित परिवार के कम से कम एक व्यक्ति को स्थायी सरकारी नौकरी दी जाए।
​दस्तावेजों की जांच और सुनवाई
​कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (रा.) एवं भू-अर्जन अधिकारी मस्तूरी (जिला-बिलासपुर, छ.ग.) द्वारा जारी नोटिस के तहत किसानों को आवश्यक दस्तावेजी साक्ष्य जैसे ऋण पुस्तिका, बी-1, खसरा नक्शा, और रजिस्ट्री पेपर के साथ उपस्थित होने को कहा गया था। तहसील कार्यालय में किसानों की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ अधिकारियों द्वारा उनके दावों और दस्तावेजों का सूक्ष्मता से परीक्षण किया गया।

संवाददाता/महेंद्र सिंह राय

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