महिला आरक्षण कानून लागू करने की मांग पर ऐपवा ने निकाला मार्च
इससे जनगणना और परिसीमन की शर्त हटे, पिछड़ों, अतिपिछड़ों व एससी/एसटी को मिले इसमें उचित प्रतिनिधित्व
20 जुलाई 2026, भागलपुर
संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर बिहार
भागलपुर।महिला आरक्षण कानून से जनगणना और परिसीमन की शर्त हटाने, संसद की वर्तमान संख्या के आधार पर बिना शर्त महिला आरक्षण कानून तुरन्त लागू करने, महिला आरक्षण में पिछड़ी, अतिपिछड़ी व एससी/एसटी जातियों और वंचित समुदायों का उचित प्रतिनिधित्व यानी महिला आरक्षण के भीतर आरक्षण आदि की मांग पर ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव विमेंस एसोसिएशन (ऐपवा) ने स्थानीय स्टेशन चौक से मार्च निकाला। अपनी मांगो के समर्थन और भाजपा सरकार की महिला विरोधी मंशा पर सवाल उठाते नारों को बुलंद करती हुई, मार्च में शामिल महिलाएं बारिश में भींगती हुई, मुख्य बाजार, खलीफाबाग चौक के रास्ते घंटाघर चौक पहुंची और सभा की।
मार्च का नेतृत्व कर रही ऐपवा की जिला सचिव रेणु देवी ने मौके पर कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार महिला आरक्षण का उपयोग अपने राजनीतिक एजेंडे यानि परसीमन और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने को आगे बढ़ाने के लिए एक बहाने के रुप में कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार महिला आरक्षण को राजनीतिक रुप से विवादास्पद परिसीमन के मुद्दे से अलग नहीं कर रही है और केवल नारी शक्ति की दिखावटी बातें कर रही है। इस तरह का ढोंग और इसे लागू करने में की जा रही लम्बी देरी, एक गहरी पितृसत्तात्मक वास्तविकता को उजागर करती है जो व्यवस्थित रुप से महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को रोक रही है। इसके खिलाफ महिलाएं सड़कों पर है और ऐपवा के नेतृत्व में देश भर में अभियान जारी है।
ऐपवा की जिला उपाध्यक्ष मनोरमा देवी ने दिल्ली के जंतर–मंतर पर जारी छात्र–युवाओं के आंदोलन के साथ एकजुटता जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार छात्रों के भविष्य को बर्बाद कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नारी सशक्तिकरण के दावों के बीच जीविका दीदियों को काम से हटाने की धमकी दी जा रही है। ऐपवा जीविका दीदियों की भी लड़ाई लड़ेगी और सरकार को घेरेगी।
मार्च में ऐपवा की जिला सचिव रेणु देवी, जिला उपाध्यक्ष मनोरमा देवी व मीरा देवी, उषा देवी, रानी देवी, रुबी देवी, अनखी देवी, गायत्री देवी, जयंती देवी, निक्कू देवी, सीता देवी, रेखा देवी, सविता देवी, मालती देवी आदि महिलाएं शामिल हुईं। मौके पर भाकपा (माले) के राज्य कमिटी सदस्य कॉमरेड मुकेश मुक्त व कैलाश मंडल भी मौजूद रहे।
