जेलों में बंद गरीब कैदियों को मिलेगी आर्थिक सहायता

समाहरणालय, भागलपुर
(जिला जन-सम्पर्क कार्यालय)

प्रेस विज्ञप्ति

जेलों में बंद गरीब कैदियों को मिलेगी आर्थिक सहायता

*जिलास्तरीय सशक्त समिति की बैठक में 9 मामलों पर हुआ विचार, पात्र बंदियों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश*।

रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर / बिहार

भागलपुर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में गरीब कैदियों को जुर्माना चुकाने एवं जमानत हासिल करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने की योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गठित जिलास्तरीय सशक्त समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में भागलपुर जिला अंतर्गत विभिन्न काराओं में निरुद्ध ऐसे गरीब बंदियों के मामलों की समीक्षा की गई, जो आर्थिक तंगी के कारण न्यायालय द्वारा निर्धारित जुर्माना राशि जमा नहीं कर पाने अथवा जमानत की शर्तों का पालन करने में असमर्थ होने के कारण जेल से रिहा नहीं हो पा रहे हैं।

बैठक के दौरान समिति ने पात्र बंदियों को सरकार की योजना के तहत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्राप्त मामलों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया। समीक्षा के क्रम में प्रत्येक मामले की पात्रता, उपलब्ध अभिलेखों तथा संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया गया।

बैठक में कुल 09 मामलों पर विचार किया गया। इनमें से 04 मामलों को योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए पात्र पाया गया, जबकि 01 मामले को निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने के कारण अपात्र घोषित किया गया। शेष 04 मामलों में प्रोबेशन पदाधिकारी की जांच प्रतिवेदन प्राप्त नहीं होने के कारण अंतिम निर्णय लंबित रखते हुए आवश्यक प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक अभाव के कारण किसी भी गरीब बंदी को जेल में अनावश्यक रूप से निरुद्ध रहने से बचाना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि पात्र बंदियों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके और उन्हें शीघ्र रिहाई का लाभ मिल सके।

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि मद्यपान निषेध एवं उत्पाद अधिनियम से संबंधित छोटे मामलों में जिन बंदियों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रिहा किया जाएगा, उन्हें रिहाई के उपरांत प्रोबेशन पदाधिकारी की निगरानी में एक माह तक नशा-मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया जाएगा। इसका उद्देश्य संबंधित व्यक्तियों का सामाजिक पुनर्वास सुनिश्चित करना तथा उन्हें पुनः नशे की प्रवृत्ति से दूर रखना है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता के साथ-साथ सामाजिक एवं व्यवहारिक पुनर्वास भी इस योजना का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए लंबित मामलों में आवश्यक जांच प्रतिवेदन समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराएं, ताकि पात्र लाभार्थियों को बिना विलंब योजना का लाभ दिया जा सके।

बैठक में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री संजय प्रिय, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती रंजीता, पुलिस उपाधीक्षक (सिटी) श्री अजय कुमार झा, अधीक्षक विशेष केंद्रीय कारा, भागलपुर श्री राजीव झा, अधीक्षक शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा, भागलपुर श्री अंकित कुमार, अधीक्षक महिला मंडल कारा श्रीमती शालिनी तथा अधीक्षक उपकारा, नवगछिया श्री निखिल स्वराज सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

जिला जनसंपर्क कार्यालय, भागलपुर।

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