पंचायत जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं शस्त्र अनुज्ञप्ति शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग को विजय कुमार सिंह ने विधान परिषद में प्रमुखता से उठाया
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार ।
बिहार विधान परिषद में सदस्य विजय कुमार सिंह ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से राज्य के पंचायत जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा का गंभीर मुद्दा उठाते हुए सरकार से स्पष्ट वक्तव्य की मांग की। उन्होंने कहा कि बिहार में पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, मुखिया, वार्ड सदस्य, पंच एवं सरपंच जैसे निर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर विभिन्न स्थानों पर जानलेवा हमले की घटनाएं हुई हैं, जिससे वे स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
श्री सिंह ने सदन में कहा कि सरकार द्वारा पूर्व में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शस्त्र अनुज्ञप्ति देने के संबंध में सभी जिला पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन कई जिलों में इन निर्देशों का समुचित अनुपालन नहीं हो रहा है। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा शस्त्र अनुज्ञप्ति के लिए दिए गए आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताओं का प्रभावी समाधान हो सके।
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सरकार ने अपने उत्तर में स्पष्ट किया कि आयुध नियम, 2016 के अंतर्गत शस्त्र अनुज्ञप्ति प्रदान करने की वैधानिक प्रक्रिया निर्धारित है।
पंचायत जनप्रतिनिधियों के शस्त्र अनुज्ञप्ति के आवेदनों का आयुध नियम, 2016 के प्रावधानों के अनुरूप निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने तथा शस्त्र अनुज्ञप्ति संबंधी नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराने के लिए सभी जिला दण्डाधिकारियों को आवश्यक निदेश जारी किए गए हैं।
विजय कुमार सिंह ने अपेक्षा व्यक्त की कि सरकार अपने निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी, ताकि पंचायत के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप समय पर शस्त्र अनुज्ञप्ति उपलब्ध हो सके और वे निर्भय होकर जनसेवा का दायित्व निभा सकें।
