डेस्क/बिहार
लोकेशन/भागलपुर
रिपोर्ट/अमित कुमार
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पूर्व रेलवे ने 780 से अधिक अधिकारियों की विशाल वर्चुअल बैठक में परिचालन सुरक्षा पर “शून्य सहिष्णुता”नीति को किया सख्ती से लागू
पूर्व रेलवे ने आज परिचालन सुरक्षा पर एक व्यापक वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसकी अध्यक्षता महाप्रबंधक सुश्री गीतिका पांडेय ने की। इस उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न परिचालन श्रेणियों के 780 से अधिक अधिकारियों एवं अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों ने भाग लिया। इनमें स्टेशन मास्टर, ट्रेन मैनेजर, परिवहन निरीक्षक, शंटिंग मास्टर, प्वाइंट्समैन, गेटमैन तथा परिचालन अधिकारी शामिल थे।
बैठक में प्रमुख रूप से प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक श्री नीरज वर्मा, मुख्य यातायात योजना प्रबंधक श्री रूपेश कुमार, नियमों के उप मुख्य परिचालन प्रबंधक (डीवाई.कॉम./रूल्स/ईआर) एवं कार्यक्रम के समन्वयक श्री एस.सी. जैन सहित विभिन्न प्रधान विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
ट्रेन परिचालन, समपार फाटक, कार्यप्रणालियों तथा फील्ड सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करते हुए महाप्रबंधक सुश्री गीतिका पांडेय ने सुरक्षा के प्रति “शून्य सहिष्णुता” नीति पर विशेष बल दिया। उन्होंने सभी कर्मचारियों को निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने, फील्ड स्तर पर निगरानी को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा चिन्हित समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी मंडलों को प्रचलित नियमों एवं निर्देशों का कठोरता से अनुपालन सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान विभिन्न मंडलों के फील्ड कर्मचारियों से सीधे संवाद कर परिचालन संबंधी महत्वपूर्ण अनुभवों एवं जमीनी वास्तविकताओं की समीक्षा की गई।
मालदा मंडल का प्रतिनिधित्व करते हुए साहिबगंज–भागलपुर सेक्शन के सेक्शनल ट्रैफिक इंस्पेक्टर श्री बृजभूषण तिवारी ने बताया कि 15-दिवसीय सुरक्षा अभियान के दौरान उनके पूरे क्षेत्राधिकार में ट्रैक एवं उपकरणों की सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाएं विधिवत सुनिश्चित की गईं। उन्होंने बताया कि नॉन-इंटरलॉक्ड लेवल क्रॉसिंग गेटों के संचालन संबंधी नियमों पर कर्मचारियों की काउंसलिंग की गई तथा स्टेशन मास्टर एवं गेटमैन के बीच हुई वास्तविक वॉयस रिकॉर्डिंग की समीक्षा कर मौके पर ही आवश्यक परामर्श भी प्रदान किया गया।
हावड़ा मंडल के रामपुरहाट के ट्रैफिक इंस्पेक्टर श्री अरुण कुमार साहा ने बताया कि उनके सेक्शन में 15 नॉन-इंटरलॉक्ड लेवल क्रॉसिंग गेट हैं, जिनमें से 6 केवल मोरेग्राम स्टेशन के अंतर्गत स्थित हैं। उन्होंने स्टेशन मास्टरों पर समन्वय के बढ़ते कार्यभार को कम करने के लिए इन गेटों को चरणबद्ध तरीके से इंटरलॉक्ड गेटों में परिवर्तित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी बताया कि कर्मचारियों की नियमित काउंसलिंग की जा रही है तथा गेटमैन को यह सख्त निर्देश दिए गए हैं कि स्टेशन मास्टर के साथ प्राइवेट नंबर का आदान-प्रदान करते समय वे स्पष्ट रूप से “गेट बंद है” दोहराएं, ताकि ट्रेन परिचालन से पहले गेट बंद होने की सकारात्मक पुष्टि सुनिश्चित हो सके।
सियालदह मंडल के देउला स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक श्री अब्दुल रहमान गाजी ने बताया कि स्टेशन के प्लेटफॉर्म की प्रकाश व्यवस्था ट्रैक्शन विद्युत आपूर्ति से जुड़ी नहीं है। परिणामस्वरूप स्थानीय विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर प्लेटफॉर्म पूरी तरह अंधकारमय हो जाते हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा एवं स्टेशन संचालन प्रभावित होता है।
आसनसोल मंडल के पारबेलिया (टीआई/पीएडब्ल्यू) के ट्रैफिक इंस्पेक्टर श्री विनय कुमार ने टोपसी एवं बाराबनी सेक्शन के बीच स्थित 15 नॉन-इंटरलॉक्ड लेवल क्रॉसिंग गेटों का उल्लेख करते हुए सुझाव दिया कि इन्हें लिमिटेड हाइट सबवे, रोड हाइट सबवे के माध्यम से बंद किया जाए अथवा सीधे इंटरलॉक्ड गेटों में परिवर्तित किया जाए।
वीडियो कॉन्फ्रेंस का समापन प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक (पीसीओएम/ईआर) श्री नीरज वर्मा द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने महाप्रबंधक, पूर्व रेलवे का समस्त परिचालन कर्मचारी को बहुमूल्य समय, मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायक निर्देश प्रदान करने के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।
यह व्यापक सुरक्षा पहल परिचालन स्तर पर मौजूद चुनौतियों की जमीनी स्तर पर पहचान करने तथा आधारभूत संरचना संबंधी समस्याओं के प्रभावी समाधान के प्रति पूर्व रेलवे की सक्रिय एवं दूरदर्शी कार्यशैली को दर्शाती है। अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों एवं वरिष्ठ नेतृत्व के बीच प्रत्यक्ष संवाद की यह व्यवस्था पूर्व रेलवे की सतत सुरक्षा ऑडिट, नियमों के कठोर अनुपालन तथा सभी मंडलों में सुरक्षित, निर्बाध एवं दुर्घटनामुक्त रेल परिचालन सुनिश्चित करने की दृढ़ प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करती है।
