कटिहार का 53वां स्थापना दिवस मनाया गया: सुबह प्रभात फेरी-वृक्षारोपण, शाम को टाउन हॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रम, मैथिली गीत ने बांधा समां
संवाददाता मनोज कुमार कटिहार बिहार
कटिहार जिले का 53वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। 2 अक्टूबर 1973 को पूर्णिया से अलग होकर कटिहार स्वतंत्र जिला बना था। कला एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन की ओर से स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया।
स्थापना दिवस पर सुबह 7:30 बजे प्रभात फेरी निकाली गई, जो आईटीआई परिसर तक गई। इसके बाद सुबह 8:00 बजे वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्य समारोह शाम 5:30 बजे टाउन हॉल में हुआ। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी, एडीएम विनोद कुमार, मेयर उषा देवी अग्रवाल और पूर्व डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद समारोह में शामिल हुए। अतिथियों ने दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
जिलाधिकारी ने कटिहार के 53 साल के विकास पर प्रकाश डाला। इसके बाद शाम 6:00 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुए।
मैथिली गीत से हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज
उत्तर मध्य सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज के कलाकारों ने मैथिली स्वागत गीत “जागल जागल भाग्य हे, पाहुन छैथ आयल” पेश किया। इसके बाद राहुल रजक एंड ग्रुप ने शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति दी।
अनुभा रॉय ग्रुप, पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय कटिहार, राग-व-ध्वनि कला केंद्र और कंचन प्रिया ग्रुप ने लोकनृत्य की प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान पेंटिंग प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष रश्मि सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज राय, बबन झा, महेंद्र झा, नेत्री रीना झा, डॉ. रंजना झा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और शहर के प्रबुद्ध लोग मौजूद रहे।
स्थापना दिवस के मौके पर टाउन हॉल दर्शकों से खचाखच भरा रहा।
