नई दिल्ली।
दिल्ली में हाल ही में आई बाढ़ का असर अब भी साफ दिखाई दे रहा है। पानी उतरने के बाद कई इलाकों में मोटी गाद और कीचड़ की परत जम गई है। स्थानीय लोग और प्रशासन अब इस गाद को हटाने की जंग लड़ रहे हैं।
बाढ़ के कारण यमुना किनारे बसे इलाकों में लोगों का काम-धंधा पूरी तरह ठप हो गया था। पानी घटने के बावजूद हालात अभी सामान्य नहीं हो पाए हैं। दुकानदारों के सामान खराब हो चुके हैं, वहीं दिहाड़ी मजदूरों और रिक्शा चालकों की रोजी-रोटी पर भी गहरा असर पड़ा है।
प्रभावित क्षेत्रों में गाद और कचरे के ढेर से लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है। निगम और आपदा प्रबंधन टीमें सफाई अभियान चला रही हैं, लेकिन भारी मात्रा में जमी गाद को हटाना चुनौती बना हुआ है। कई घरों में अब भी बदबू और नमी की समस्या बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ ने न सिर्फ उनके जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों पर भी संकट खड़ा कर दिया है। राहत और सफाई कार्य में तेजी की मांग लगातार उठ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते गाद और गंदगी को साफ नहीं किया गया, तो बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है। प्रशासन का कहना है कि सफाई कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है और जल्द ही हालात सामान्य किए जाएंगे।
