संवाददाता शुभम कुमार, भागलपुर।
मां देवी दुर्गा के आह्वान हेतु चतुर्थी पूजा के अवसर पर आज 25 सितंबर 2025 को भागलपुर के महाशय डोरी परिसर से परंपरागत शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में ढोल-ढाक, बाजा, घड़ी-घंटा और शंखनाद के बीच कलश लेकर समेश बाबू लेन, बंगाली टोला होते हुए बंगाली टोला घाट तक जुलूस पहुंचा। वहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कलश भरा गया।
इसी दिन पारंपरिक रूप से कोला बौ (Nabapatrika) की स्थापना की जाती है। इसमें मान पत्ता, अशोक पत्ता, आम पत्ता, दुबरी, धान का शीश, एक जोड़ा बेल, बेल पत्ता आदि नौ प्रकार के पत्रों को एकत्र कर साड़ी पहनाकर बहू का रूप दिया गया। इसके बाद नव पत्रिका को घाट पर ले जाकर गंगाजल, गोमूत्र, मधु, दूध, दही, घी, तिल और तेल सहित नौ तरह के द्रव्यों से स्नान कराया गया। स्नान के उपरांत साड़ी ओढ़ाकर इसे कंधे पर लेकर पुनः मंदिर परिसर में लाया गया, जहां द्वार पूजा और आरती सम्पन्न हुई।
आरती के बाद कौड़ी लूट की परंपरा भी निभाई गई, जिसे ट्रस्ट के अहम सदस्य अमिताभ घोष ने संपन्न कराया। इस अवसर पर पुरुष, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
पूरे इलाके में महिलाओं ने अल्पना बनाकर कलश की स्थापना की और शंखनाद के साथ माता का स्वागत किया। महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर पति की दीर्घायु और परिवार की मंगलकामना की।
पूरे आयोजन का संचालन महाशय डोरी तारकनाथ घोष ट्रस्ट द्वारा किया गया। इस मौके पर ट्रस्ट की सचिव मुकता घोष, उपाध्यक्ष डॉ. दीप चंदा घोष, श्रीनजय घोष, अमिताभ घोष, श्रीमती मधुमिता घोष सहित कई प्रतिष्ठित सदस्य मौजूद रहे। विशेष रूप से भागलपुर से आए पंडित शुभाशीष लाहेरी, दिलीप भट्टाचार्य, मंटू आचार्य, मिट्ठू आचार्य, प्रलय भट्टाचार्य, ज्योति भट्टाचार्य, मधु यादव, तरुण मंडल, जीवन घोष, काजल सर खेल और सामाजिक कार्यकर्ता देवाशीष बनर्जी भी उपस्थित रहे।
