रिपोर्ट – अमित कुमार, भागलपुर।
भागलपुर जिले से महज 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गोनू बाबा हॉल्ट, जो कि जगदीशपुर प्रखंड के अंतर्गत आता है, केंद्रीय रेलवे विभाग की लापरवाही का उदाहरण बन गया है। यह हॉल्ट धार्मिक और जनसांख्यिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके ठीक पास ही प्रसिद्ध बाबा गोनूधाम मंदिर स्थित है। प्रत्येक सोमवार को यहां दूर-दूर से श्रद्धालु और यात्री बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
लेकिन इतने महत्वपूर्ण स्थान पर रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। हॉल्ट परिसर में बना शौचालय जंगल और गंदगी से अटा पड़ा है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि महीनों से सफाई नहीं हुई है, जबकि केंद्र सरकार की ओर से रेलवे में स्वच्छता अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि स्टेशन मास्टर और रेलवे प्रशासन ने अब तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। पेयजल की व्यवस्था भी पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं।
यात्री टिकट तो लेते हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर प्लेटफॉर्म पर शून्य व्यवस्था है। श्रद्धालु और स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर रेलवे विभाग कब इस उपेक्षित हॉल्ट की व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देगा।
