भगवान परशुराम के सभी वंशज समस्त ब्राह्मण समाज की तरफ से होली मिलन समारोह अखिल भारतीय परशुराम सेवा संघ के द्वारा बड़े धूमधाम से स्थानीय विवाह भवन मेड इन हेवन गार्डन मनाली चौक पर मनाई गई।
रिपोर्ट – अमरजीत कुमार तिवारी भागलपुर/ बिहार।
कार्यक्रम का उद्घाटन सर्वप्रथम दीप प्रज्वलित कर भागलपुर नगर विधायक रोहित पांडे, राजीव कांत मिश्रा, संगीता तिवारी, शेखर पांडे, बमबम चौधरी नभई चौधरी, रवि दुबे चंद्रशेखर त्रिवेदी ,आनंद शुक्ला, ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का उद्घाटन किया।वहीं आयोजक शेखर पांडे ने बताया कि पांच पंडितों के द्वारा स्वस्ति वाचन और मंत्र उच्चारण करने के बाद सभी परशुराम वंशज एक-एक कर परशुराम जी की माल्यार्पण कर फूल अर्पित की गई विगत दो वर्षों से हम लोग यह होली मिलन समारोह समस्त ब्राह्मण समाज परशुराम के वंशज सभी मिलजुल कर भगवान परशुराम को याद करते हुए और उनके आदर्शों पर चलने के लिए और एक जुटता का परिचय देते हुए समाज में कैसे एकजुट रहे होली के माध्यम से यह संदेश देने का काम करते हैं।इस कार्यक्रम को भगवान परशुराम जी की कृपा से आगे पूरे बिहार राज्य पर करने की बात कही वहीं उपस्थित भागलपुर विधायक रोहित पांडे ने कहा ये होली मिलन समारोह भगवान परशुराम के हम सभी वंशजों को एक जुट होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जो पूर्व के वर्षों से मनाई जा रही ऐसी परंपरा संस्कृति और संस्कार की उत्तम परिचय देने का संदेश देता।लोजपा प्रदेश महिला अध्यक्ष संगीता तिवारी ने इस अवसर पर इस कार्यक्रम के आयोजक शेखर पांडे का धन्यवाद किया और कहा सबको इस होली मिलन समारोह पर भगवान परशुराम की हम वंशजों के ब्राह्मण परिवार को एकजुटता का अवसर है वहीं मौके पर हमारे परशुराम वंशज नीरज तिवारी, मोनी दुबे, संजू तिवारी ,बब्बन मिश्रा ,अमरजीत कुमार तिवारी,अमृत्य पांडे ,शंकर मिश्रा ,धनंजय पांडे ,सन्नी पांडे ,गोपाल झा ,सुबोध पांडे ,योगेश पांडे , बमबम मिश्रा ओंकार तिवारी, नंदीकेश कांति पाठक, रूबी मिश्रा, सिम्मी झा, सुधा पांडे, अंशु मिश्रा टीना ,संगीता तिवारी ब्रजेश पांडे, दीपक शर्मा, बंटी मिश्रा ,वेंकटेश दुबे ,सुधीर चौधरी, पूर्णेंदु तिवारी ,कंचन झा ,संतोष मिश्रा, शुभम पांडे, दीपक तिवारी ,चंदन पांडे, टिंकू पांडे ,मनोज पाठक, बिना शुक्ला ,सपन दूबे,संजीव मिश्रा,प्रीतम पांडे,आनंद मिश्रा,खाने की उत्तम व्यवस्थाएं थी जिसमें कई तरह के व्यंजनों का प्रबन्ध था बिल्कुल सात्विक भोजन परोसा गया वहीं सैकड़ों की संख्या में परशुराम वंशज मौजूद रहे।
