अनुभव आधारित शिक्षा से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है -अनन्त कुमार सिंहा ,भारती शिक्षा समिति बिहार एवं शिशु विद्या प्रबंध समिति बिहार के तत्वावधान में आयोजित किया गया ।
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार।
सैनिक स्कूल गणपतराय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर नरगाकोठी में चल रहे नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग एवं सेवा स्थायित्व प्रशिक्षण वर्ग के चौदहवें दिन का प्रारंभ राजगीर विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य अनंत कुमार सिन्हा,मुंगेर के जिला निरीक्षक वीरेंद्र कुमार, जिला निरीक्षक एवं सेवा कार्य प्रमुख गंगा चौधरी में संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
अनंत कुमार सिन्हा ने कहा कि अनुभव आधारित शिक्षा एक ऐसी व्यवहारिक शिक्षण प्रक्रिया है जिसमें छात्र अनुभव करके, स्वयं काम में शामिल होकर और अपनी गलतियों से सीख कर ज्ञान प्राप्त करता है। इससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है, विषय की समझ लंबे समय तक याद रहती है और वास्तविक जीवन को सुलझाने में माहिर हो जाता है। अनुभव आधारित शिक्षा आधुनिक शिक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण मॉडल है इसमें सीखने की प्रक्रिया ,वास्तविक जीवन के अनुभव प्रयोग और आत्म चिंतन से जुड़ी रहती है।
रमेश मणि पाठक ने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी मानी जाती है। इसके अध्ययन से छात्रों की बौद्धिक क्षमता का विकास होता और वह अपने मूल ग्रंथों को समझ पाते हैं। भाषा शिक्षण के चार सोपान सुनना, बोलना, पढ़ना एवं लिखना है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थी आचार्य को संस्कृत संभाषण करने बताया।
ब्रह्मदेव प्रसाद ने कहा कि विद्या भारती के पांच केंद्रीय आधारभूत विषय शारीरिक शिक्षा, योग शिक्षा, संगीत शिक्षा, संस्कृत शिक्षा और नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा है। जिसका उद्देश्य छात्रों को शारीरिक रूप से बलवान करना, मानसिक शांति और एकाग्रता को बढ़ाना, कलात्मक और भावनात्मक विकास करना, प्राचीन भारतीय संस्कृति और साहित्य से जोड़ना तथा आदर्श नागरिक तैयार करना है।
अतिथि परिचय जिला निरीक्षक एवं सेवा कार्य प्रमुख गंगा चौधरी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर वर्ग के प्रधानाचार्य सतीश कुमार सिंह, पूर्णकालिक उमाशंकर पोद्दार, धरणीकांत पांडेय, लालबाबू प्रसाद, परमेश्वर कुमार,छठ्ठू साह,जयंत चौधरी, मनमोहन ठाकुर ,साकेत कुमार, शंभू कुमार, आलोक कुमार ,शशि भूषण मिश्र,रिचा कुमारी ,सुप्रिया कुमारी, वंदना पांडेय एवं सभी प्रशिक्षणार्थी आचार्य उपस्थित थे।
मीडिया प्रभारी
शशि भूषण मिश्र।
