ठाकुरगंज (किशनगंज): रमज़ान के पाक महीने में छोटे-छोटे बच्चे भी रोज़ा रखकर इबादत में हिस्सा ले रहे हैं। ठाकुरगंज प्रखंड के बाँसबाड़ी गांव के पत्रकार नजमुल हसनैन उर्फ जकी के बेटे असजद रेज़ा ने महज 6 वर्ष की उम्र में अपना पहला रोज़ा रखा।
बताया जाता है कि असजद रेज़ा ने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ अपना पहला रोज़ा रखा। सहरी के समय वह अपने परिवार के साथ उठे और सहरी करने के बाद पूरे दिन रोज़े की पाबंदी निभाई। इतनी कम उम्र में रोज़ा रखने को लेकर परिवार के सदस्यों में खुशी का माहौल देखा गया।
असजद रेज़ा के पिता नजमुल हसनैन उर्फ जकी ने बताया कि बच्चे में शुरू से ही दीन और इबादत के प्रति लगाव है। जब उसने रोज़ा रखने की इच्छा जताई तो परिवार ने उसे प्रोत्साहित किया। दिनभर उसने पूरे अनुशासन के साथ रोज़ा रखा और शाम को अज़ान के बाद इफ्तार किया।
गांव के लोगों ने भी असजद रेज़ा को दुआएं दीं और उसके उज्जवल भविष्य की कामना की। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी कम उम्र में रोज़ा रखना बच्चों के अंदर धार्मिक संस्कार और अनुशासन की भावना को दर्शाता है।
रमज़ान के इस मुबारक महीने में बच्चों द्वारा रखा गया पहला रोज़ा परिवार और समाज के लिए भी खुशी का विषय बन जाता है।
